साकेत बिल्डिंग हादसे में जज को बताया हत्यारा; भड़का दिल्ली हाई कोर्ट, क्या आदेश
साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुलाजाब में पांच मंजिला इमारत गिर गई थी। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई थी। एक वीडियो में इन मौतों का जिम्मेदार दिल्ली हाई कोर्ट के जज को बताया गया था।

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया से उन वीडियो को तुरंत हटाने का आदेश दिया हैं जिनमें मौजूदा हाई कोर्ट के जज को साकेत में हुए इमारत हादसे का जिम्मेदार बताते हुए 'हत्यारा' कहा गया था। साकेत के सैदुलाजाब में ये हादसा 30 मई को हुआ था जिसमें पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई थी। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई थी।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ये कोई छोटा मामला नहीं है और ना ही ये कोई अकेली या इकलौती घटना है। दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) ने इस मामले में एक आपराधिक अवमानना याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया है।
मामले की सुनवाई जस्टिस नीना बंसल और जस्टिस मधु जैन की पीठ ने की। कोर्ट ने उन वीडियो की जांच की और कहा कि ऐसे मामले अब आम होते जा रहे हैं। ये वीडियो डॉ कपिल कक्कड़ नाम के शख्स ने अपलोड किए थे जो खुद को साइकोलॉजिस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता बताता है। इसके अलावा वह ब्लैक जस्टिस नाम की एक सीरीज का मेकर भी बताया जा रहा है।
याचिका में क्या आरोप?
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक याचिका में आरोप लगाया गया था कि फेसबुक, एक्स समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कुछ वीडियो शेयर किए गए खे जिसमें जज को साकेत बिल्डिंग में हादसे में हुई 6 मौतों का जिम्मेदार बताया गया था। याचिका में आरोप लगाया है कि वीडियो में झूठा दावा किया गया है कि जज ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ भ्रष्टाचार की वजह से अवैध निर्माण को रोकने वाली याचिका खारिज कर दी थी।
बार एसोसिएशन ने कहा है कि असल में सच्चाई ये है कि कोर्ट ने याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेने की इजाजत दी थी ताकी वह नए सिरे से याचिका दाखिल कर सके क्योंकि उस याचिका में उस बिल्डिंग के मालिक को पार्टी नहीं बनाया गया था। याचिका में डॉ कपिल कक्कड़ के उन बयानों का खास तौर पर जिक्र किया गया है जिनमें उन्होंने जज को हत्यारा कहा था। जज पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।
लेखक के बारे में
Aditi Sharmaअदिति शर्मा
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