बगैर अनुमति जुबिन नौटियाल की आवाज का इस्तेमाल नहीं; HC ने AI प्लेटफॉर्म्स को भी रोका

Feb 25, 2026 02:30 pm ISTKrishna Bihari Singh एएनआई, नई दिल्ली
share

दिल्ली हाईकोर्ट ने जुबिन नौटियाल के व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) की रक्षा के लिए विभिन्न वेबसाइटों, ऑनलाइन और एआई प्लेटफॉर्म को जुबिन की सहमति के बिना उनके नाम, आवाज, फोटो और गायन शैली के कॉमर्शियल इस्तेमाल करने से रोक दिया है। 

बगैर अनुमति जुबिन नौटियाल की आवाज का इस्तेमाल नहीं; HC ने AI प्लेटफॉर्म्स को भी रोका

दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल के व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने वेबसाइटों, ऑनलाइन और एआई प्लेटफॉर्मों को जुबिन की सहमति के बिना उनके नाम, आवाज, फोटो, गायन शैली या डिजिटल अवतार का कॉमर्शियल इस्तेमाल करने से रोक लगा दी है। अदालत ने माना कि गायक की पहचान का अनधिकृत इस्तेमाल उनकी प्रतिष्ठा और कमाई को नुकसान पहुंचा सकता है।

अदालत से लगाई गई थी गुहार

न्यायमूर्ति तुषार राव गडेला गायक जुबिन नौटियाल की उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें एआई प्लेटफॉर्म और विभिन्न वेबसाइटों को उनके नाम, आवाज, गायन शैली और पर्सनालिटी का गलत इस्तेमाल करने से रोकने की मांग की गई थी। अदालत ने 19 फरवरी को एक अंतरिम आदेश में कहा कि जुबिन नौटियाल के पास अपने पर्सनालिटी अधिकारों को लेकर एक मजबूत मामला है।आदेश के अभाव में गायक को अपूरणीय क्षति हो सकती है।

बिना इजाजत नहीं कर सकते आवाज का इस्तेमाल

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि वादी (जुबिन नौटियाल) को हुआ नुकसान असल प्रतीत होता है। इसके साथ ही अदालत ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों, एआई टूल्स और ई-कॉमर्स वेबसाइटों को सिंगर जुबिन नौटियाल की पर्सनालिटी, आवाज, तस्वीरों का बिना इजाजत के कॉमर्शियल इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें। अदालत ने विभिन्न पक्षों को निर्देश दिया कि वे जुबिन नौटियाल के पर्सनैलिटी या प्रचार अधिकारों से जुड़ी किसी भी खासियत का कॉमर्शियल लाभ के लिए दुरुपयोग ना करें।

AI प्लेटफॉर्म्स को भी रोका

अदालत ने गलत कंटेंट हटाने का आदेश भी जारी किया। साथ ही ऐसा मटीरियल अपलोड करने के लिए जिम्मेदार लोगों की डिटेल्स बताने को भी कहा। अदालत ने कहा कि सिंगर के नाम, आवाज, गायन की स्टाइल, इमेज, सिग्नेचर या किसी भी पहचाने जाने वाले पर्सनैलिटी ट्रेट्स का कमर्शियल या पर्सनल फायदे के लिए इस्तेमाल बिना इजाजत के नहीं किया जा सकता है। यह ऑर्डर AI से बनी आवाजें, डीपफेक, फेस-मॉर्फ्ड वीडियो और इसी तरह के सिंथेटिक कंटेंट पर भी रोक लगाता है।

AI प्लेटफॉर्म कर रहे थे आवाज की क्लोनिंग

अदालत ने उन आरोपों पर ध्यान दिया कि कुछ AI प्लेटफॉर्म और डिजिटल टूल जुबिन नौटियाल की आवाज की क्लोनिंग कर रहे थे और उनके सिंगिंग स्टाइल की नकल करते हुए ऑडियो कंटेंट बना रहे थे। वहीं ऑनलाइन सेलर बिना इजाजत के जुबिन नौटियाल के नाम और समानता वाले पोस्टर, स्टिकर और दूसरे मर्चेंडाइज की मार्केटिंग कर रहे थे। अदालत आगे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को उल्लेखित उल्लंघन वाले लिंक हटाने या ब्लॉक करने का निर्देश देती है।

(पीटीआई-भाषा के इनपुट के साथ)

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।