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दिल्ली पुलिस एक महीने से लापता 3 बुजुर्गों का तुरंत पता लगाए, हाईकोर्ट ने दिए निर्देश

दिल्ली पुलिस एक महीने से लापता 3 बुजुर्गों का तुरंत पता लगाए, हाईकोर्ट ने दिए निर्देश

संक्षेप:

दिल्ली हाईकोर्ट ने वसंत कुंज इलाके से करीब एक महीने से लापता तीन बुजुर्गों के मामले में दिल्ली पुलिस को तुरंत कार्रवाई कर उनका पता लगाने के निर्देश दिए हैं। बुजुर्गों की बेटी ने अपहरण, चोरी और पुलिस की निष्क्रियता के आरोप लगाए हैं।

Jan 12, 2026 07:11 am ISTPraveen Sharma हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली हाईकोर्ट ने वसंत कुंज इलाके से करीब एक महीने से लापता तीन बुजुर्गों के मामले में दिल्ली पुलिस को तुरंत कार्रवाई कर उनका पता लगाने के निर्देश दिए हैं। बुजुर्गों की बेटी ने अपहरण, चोरी और पुलिस की निष्क्रियता के आरोप लगाए हैं।

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जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनोज जैन की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता ओंद्रिला दासगुप्ता की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। इस मामले में अगली सुनवाई 13 जनवरी 2026 को तय की गई है। याचिका में बताया गया कि ओंद्रिला दासगुप्ता के माता-पिता मिहिर कुमार दासगुप्ता, अनिंदिता दासगुप्ता और उनके चाचा समीर दासगुप्ता 13 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब ढाई बजे अपने पालतू कुत्ते के साथ वसंत कुंज के पॉकेट-ए स्थित घर से लापता हो गए थे।

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उनके मुताबिक, जब वह शाम को घर पहुंचीं तो बार-बार फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। घर के अंदर सामान बिखरा हुआ था, जिससे चोरी की आशंका जताई गई। उसी दिन उन्होंने किशनगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसे डेली डायरी में दर्ज किया गया।

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि ओंद्रिला दासगुप्ता के पूर्व पति शायक सेन ने उन्हें धमकी भरे फोन कॉल किए और दावा किया कि बुजुर्गों का अपहरण उसी ने करवाया है। इसके बाद 14 और 15 दिसंबर को अतिरिक्त शिकायतें भी दी गईं, जिनमें वॉट्सऐप के जरिये धमकी मिलने और अन्य परिजनों के नाम भी सामने आने की बात कही गई। ओंद्रिला का कहना है कि 16 से 18 दिसंबर के बीच कई बार थाने जाने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

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कोर्ट की शरण ली

तीन लिखित शिकायतों के बावजूद एफआईआर दर्ज न होने पर ओंद्रिला ने अपने वकील के जरिये संविधान के अनुच्छेद 226 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। साथ ही उन्होंने पटियाला हाउस कोर्ट में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष एफआईआर दर्ज कराने का आवेदन भी दिया। 6 जनवरी को अदालत ने दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी। इस मामले की अगली सुनवाई 13 जनवरी 2026 को तय की गई है।

हादसे में दोषी बुजुर्ग को परिवीक्षा पर रिहा किया

वहीं, साकेत कोर्ट ने 2017 के सड़क हादसे में दोषी 60 वर्षीय महेश चंद्र को जेल भेजने के बजाय प्रोबेशन का लाभ देकर रिहा करने का आदेश दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम पाठक ने उम्र, लंबे समय से लंबित मुकदमे और पारिवारिक जिम्मेदारियों को आधार बनाया। निचली अदालत ने उन्हें धारा 279 और 304ए के तहत एक साल की सजा दी थी। अदालत ने साफ आपराधिक रिकॉर्ड, प्रोबेशन रिपोर्ट और 13.34 लाख रुपये के मुआवजा समझौते को भी अहम माना।

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Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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