कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट से 'आम लोगों को खतरा' वाली याचिका पर क्या बोला दिल्ली HC
Cockroach Janata Party: कॉकरोच जनता पार्टी 6 जून को सड़कों पर उतरकर अपनी मांग रखने वाले हैं। लेकिन, इससे पहले मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। लेकिन, दिल्ली हाईकोर्ट ने इस याचिका को तुंरत सुनवाई से इंकार कर दिया है। जानिए पूरी बात।

Cockroach Janata Party: कॉकरोच जनता पार्टी डिजिटल दुनिया से निकलकर सड़कों पर प्रदर्शन करने की योजना बना रही है। अभिजीत दीपके 6 जून को भारत लौट रहे हैं, जिसके बाद अनुमति लेकर जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करने वाले हैं; ऐसा कहते हुए उन्होंने युवाओं को एकजुट होने का आह्वान किया है। मगर इससे पहले सेव इंडिया फाउंडेशन नामक संगठन ने दिल्ली हाईकोर्ट को दरवाजा खटखटाते हुए इस प्रदर्शन को लेकर कुछ चिंताएं प्रकट की हैं। ताजा घटनाक्रम यह है कि अदालत ने संगठन की याचिका पर तुरंत सुनवाई से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा- "दिल्ली पुलिस यह सब देखेगी।" अब सवाल है कि इस याचिका में क्या मांग की गई हैं।
न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी व न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने गैर सरकारी संगठन सेव इंडिया फाउंडेशन की इस याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि इस मामले को तुरंत सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं किया जा सकता। याचिका में मांग की गई है कि 6 जून की भीड़ को या तो किसी दूसरी तय जगह पर ले जाया जाए या कार्रवाई की पूरी वीडियोग्राफी के साथ सख्ती से निगरानी की जाए ताकि यह पक्का हो सके कि जो लोग अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया सहित विदेशी इलाकों से भड़काने का काम कर रहे हैं, उन्हें एयरपोर्ट सुरक्षा व ज़रूरी आपातकालीन मशीनरी से समझौता करने से रोका जा सके।
एडवोकेट उमेश चंद्र शर्मा ने कहा, "हम दिल्ली के नागरिकों के अधिकार को लागू करने की मांग कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि बिना इजाजत और माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किए बिना कोई भी प्रदर्शन न हो। सुप्रीम कोर्ट ने जानबूझकर और डिटेल में आदेश दिए हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस पता नहीं क्यों उनका पालन नहीं करवा रही है। जबकि कॉकरोच जनता पार्टी के लोग कानून अपने हाथ में लेकर इसका उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे हैं। हाई कोर्ट के पास खास अधिकार हैं, इसलिए हमने हाई कोर्ट से गुहार लगाई है कि ऐसा न हो और दिल्ली के नागरिकों को उनकी जरूरी सेवाओं, एम्बुलेंस सेवाओं और इन सभी चीजों में रुकावट के कारण परेशानी न हो, जिनका जिक्र सुप्रीम कोर्ट के आदेशों में पहले ही किया जा चुका है।
दरअसल, याचिका दायर करने वाले संगठन ने उसी तरह की आशंका और चिंता को प्रकट किया है, जिसे सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके भी जाहिर कर चुके हैं। 'लोगों को होने वाली परेशानी का डर या आशंका'। अभिजीत की बात बताने से पहले जानिए, याचिका में क्या मांग की गई हैं। "याचिका में 6 जून को होने जा रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर निवारक, नियामक और भीड़ को नियंत्रण में करने से जुड़े उपायों के लिए निर्देश देने की मांग की गई है।" हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इंकार कर दिया है।
अब आपको बताते हैं कि अभिजीत दीपके ने क्या आशंका जाहिर की थी। अभिजीत दीपके 6 जून को दिल्ली एयरपोर्ट पर अपने समर्थकों से मिलने वाले थे, तय प्लान के मुताबिक। लेकिन, उन्होंने अपना प्लान बदलते हुए कहा- "मुझे नहीं मालूम था कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के रिस्पॉन्स आएंगे। इसलिए मैं नहीं चाहता कि किसी भी तरह से लोगों को परेशानी हो, इसलिए अब आप सब लोग एयरपोर्ट मत आइए।" उन्होंने आगे कहा- “मैं आप सबसे अपील करता हूं कि मैं एयरपोर्ट से पार्लियामेंट स्ट्रीट जाऊंगा, तब तक आप सभी लोग पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन ही आइए।”
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा था, वह परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की शुरुआत के लिए छह जून को भारत लौटेंगे। फिलहाल अमेरिका में रह रहे दीपके ने 'इंस्टाग्राम' पर जारी एक वीडियो में समर्थकों और छात्रों से दिल्ली में उनके विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा, ''मैं शनिवार, छह जून की सुबह दिल्ली पहुंचूंगा। कृपया हवाई अड्डे पर मुझसे मिलें और हम सब मिलकर संसद मार्ग थाने जाकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मांगेंगे।'' सीजेपी के संस्थापक ने बाद में 'पीटीआई-भाषा'से बातचीत में हालांकि आशंका जताई कि भारत लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। दीपके ने कहा, लेकिन उनका मानना है कि उनका नियोजित विरोध प्रदर्शन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा की संवैधानिक गारंटी के तहत संरक्षित है।
दीपके ने हालांकि कहा कि वह परिवार को मिल रही धमकियों को लेकर ज्यादा चिंतित हैं।उन्होंने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''मुझे व्यक्तिगत रूप से मिली धमकियों की ज्यादा चिंता नहीं है। लेकिन मेरे परिवार को मिली धमकियों को लेकर मैं थोड़ा चिंतित हूं। क्योंकि मेरे परिवार ने ऐसा करने का फैसला नहीं किया था; यह मेरा निर्णय था। उन्हें इसमें घसीटा नहीं जाना चाहिए।''
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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