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तुर्कमान गेट के बाद जामा मस्जिद इलाके की बारी; HC ने अतिक्रमण पर क्या दिया आदेश?

तुर्कमान गेट के बाद जामा मस्जिद इलाके की बारी; HC ने अतिक्रमण पर क्या दिया आदेश?

संक्षेप:

तुर्कमान गेट स्थित मस्जिद के पास से अतिक्रमण हटाए जाने के बाद अब जामा मस्जिद के समीप भी बुलडोजर ऐक्शन का खतरा मंडराने लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस बारे में एमसीडी को आदेश दिया है। 

Jan 07, 2026 08:07 pm ISTKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी ने भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ तुर्कमान गेट स्थित मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने का बड़ा अभियान चलाया। इस कार्रवाई के बाद अब ऐतिहासिक जामा मस्जिद के समीप भी बुलडोजर ऐक्शन का खतरा मंडराने लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी को आदेश दिया है कि जामा मस्जिद के भीतर और बाहरी परिसर का सर्वे किया जाए और सभी अवैध अतिक्रमण को हटाया जाए।

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सर्वे करने और अतिक्रमण हटाने का आदेश

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीजन बेंच ने बुधवार को MCD को जामा मस्जिद के अंदर और आसपास के निर्माण का सर्वे करने को कहा है। अदालत ने कहा है कि यदि ये निर्माण अवैध पाए जाते हैं तो अतिक्रमण को हटाया जाए। अदालत ने अवैध इमारतों और स्टॉलों को हटाने का निर्देश दिया है। एमसीडी को सर्वे का काम दो महीने के अंदर पूरा करने को कहा है।

एमसीडी को दावों की जांच का आदेश

बुधवार को मामले की सुनवाई पर अदालत ने कहा- हम इस निर्देश के साथ याचिका का निपटारा कर रहे हैं कि एमसीडी के अपीलीय अधिकारी याचिका में किए गए दावों पर विचार करें। इन दावों की पड़ताल करें। साथ ही मौके का 2 महीने में सर्वे करें। यदि दावा गलत पाया जाता है और कोई अवैध निर्माण पाया जाता है तो कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाए। अदालत ने उक्त आदेश पुरानी दिल्ली के स्थानीय निवासियों की एक जनहित याचिका पर दिया।

शाही इमाम पर आरोप

उक्त जनहित याचिका में एमसीडी पार्कों में अतिक्रमण होने का दावा किया गया है। साथ ही जामा मस्जिद के आसपास अन्य अवैध निर्माण को हटाए जाने की मांग की गई है। याचिका में आरोप है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर के पार्किंग स्थल और अस्पताल तक बना लिया गया है। सरकारी जमीन पर कमर्शियल स्टॉल काबिज हो चुके हैं। आरोप है कि शाही इमाम और उनके रिश्तेदारों ने मस्जिद के आसपास की खुली जगहों पर कब्जा कर लिया है।

अदालत को दी तस्वीरें

याचिका में आरोप है कि आरोपियों ने निर्माण कर के सरकारी जमीन कब्जा ली है। दावा यह भी किया गया है कि मीनारों पर दुकानें भी हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से दलीलों और आरोपों के पक्ष में सुबूत भी दिए गए हैं। इन सुबूतों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण को दिखाने वाली तस्वीरें शामिल हैं। हालांकि, हाई कोर्ट ने इन पर कोई खास तवज्जो नहीं दी। अदालत ने कहा कि तस्वीरों के आधार पर कोई पक्की राय नहीं बनाई जा सकती है। MCD जांच करे।

वक्फ संपत्ति का कमर्शियल इस्तेमाल नहीं कर सकते-दलील

याचिका में कहा गया है कि जामा मस्जिद देश की सबसे बड़ी मस्जिदों में शुमार है। यह राष्ट्रीय महत्व की संरक्षित स्मारक है। यह दिल्ली वक्फ बोर्ड की संपत्ति के कंट्रोल में है। फिर शाही इमाम मस्जिद की छत पर कैफे चलाकर वक्फ संपत्ति का कमर्शियल इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। यह भी आरोप लगाया गया है कि इमाम, उनका परिवार और करीबी सहयोगी मस्जिद को इनकम के प्राइवेट सोर्स के तौर पर इस्तेमाल करते मालूम पड़ रहे हैं।

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तुर्कमान गेट फैज-ए-इलाही मस्जिद के बीच ऐक्शन

दिल्ली हाईकोर्ट का यह आदेश ऐसे वक्त में सामने आया है जब दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने पुलिस के साथ तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के निकट की जमीन पर अतिक्रमण हटाने के लिए ध्वस्तीकरण अभियान चलाया है। इस दौरान 50 से अधिक अधिकारी, सैकड़ों पुलिसकर्मी, 32 जेसीबी और चार ‘पोकलेन मशीन’ तैनात रहीं। इस दौरान पथराव भी देखा गया। दिल्ली पुलिस ने पत्थरबाजी और बवाल करने के आरोप में कई लोगों को पकड़ा भी है।

Krishna Bihari Singh

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कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


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शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

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