Hindi Newsएनसीआर NewsDelhi HC on 2020 riots case probe by Delhi Police says its Selective and poor
आरोपियों को शहर से बाहर बताया, पीड़ितो के बयान नहीं लिए; दिल्ली दंगे की जांच को लेकर पुलिस पर भड़का हाईकोर्ट

आरोपियों को शहर से बाहर बताया, पीड़ितो के बयान नहीं लिए; दिल्ली दंगे की जांच को लेकर पुलिस पर भड़का हाईकोर्ट

संक्षेप:

कोर्ट ने आगे कहा कि शिकायतकर्ता को इन दंगों से जुड़ी एक अन्य FIR भी मिली, जिसमें उन्हीं लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिन्हें पुलिस ने क्लीन चिट दे दी थी, जिससे पता चलता है कि वे घटना की तारीख को दिल्ली में ही मौजूद थे।

Dec 10, 2025 05:01 pm ISTSourabh Jain लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

दिल्ली हाई कोर्ट ने साल 2020 में हुए दिल्ली दंगों के दौरान एक मुस्लिम व्यक्ति को कथित तौर पर गोली मारने की घटना में दिल्ली पुलिस की जांच की आलोचना की है। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने यह टिप्पणी मजिस्ट्रेट अदालत के उस आदेश को रद्द करते हुए की, जिसमें उन्होंने इस मामले में अलग से FIR दर्ज करने के लिए कहा था। हाई कोर्ट ने पाया कि घोंडा इलाके में हुई हिंसा के संबंध में पहले से ही एक सामान्य FIR दर्ज है और इस घटना की जांच पहले से दर्ज FIR के हिस्से के तौर पर की जा सकती है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

सुनवाई के दौरान जांच में विरोधाभासों और कमियों के मिलने पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की आलोचना की और कहा कि, 'यह बिल्कुल साफ है कि FIR को लेकर चुनिंदा और खराब जांच की गई है।' कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने जानबूझकर घायल पीड़ितों के बयान दर्ज नहीं किए और घटना वाले दिन आरोपियों को शहर से बाहर होना बताया, हालांकि शिकायतकर्ता की समझदारी की वजह से आरोपियों की शहर में मौजूदगी सुनिश्चित हुई। कोर्ट ने यह फैसला मामले में एक आरोपी नरेश त्यागी की उस याचिका पर सुनाया, जिसमें उसने इस मामले को लेकर एक नई FIR दर्ज करने के मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले को चुनौती दी थी।

पुलिस ने आरोपियों को दे दी थी क्लीन चिट

'बार एंड बेंच' की रिपोर्ट के अनुसार सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि पीड़ित मोहम्मद नासिर को लगी गोली की चोट का जिक्र इस मामले को लेकर पहले से दर्ज FIR में किया जा चुका था। इसलिए, मजिस्ट्रेट द्वारा अलग से FIR दर्ज करने का निर्देश देने का कोई कारण नहीं था। हालांकि, कोर्ट ने यह भी नोट किया कि शिकायतकर्ता ने मजिस्ट्रेट से तभी संपर्क किया जब पुलिस ने आरोपियों को इस आधार पर क्लीन चिट दे दी थी कि वे दिल्ली में मौजूद नहीं थे।

शिकायतकर्ता को मिली FIR बनी आरोपियों के खिलाफ सबूत

कोर्ट ने आगे कहा कि शिकायतकर्ता को इन दंगों से जुड़ी एक अन्य FIR भी मिली, जिसमें उन्हीं लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिन्हें पुलिस ने क्लीन चिट दे दी थी, जिससे पता चलता है कि वे घटना की तारीख को दिल्ली में ही मौजूद थे।

पुलिस ने बहाने से घायलों के बयान भी दर्ज नहीं किए

कोर्ट ने कहा, ‘यह साफ है कि इस मामले को लेकर दर्ज मुख्य शिकायत (FIR नंबर 64/2020) में ठीक से जांच नहीं की गई। यह इस बात से भी साफ है कि मोहम्मद नासिर और अन्य घायल अस्पताल में पाए गए और उनके MLCs (मेडिको-लीगल केस) भी जमा किए गए, इसके बावजूद उनके बयान इस बहाने से दर्ज नहीं किए गए कि वे बयान देने को तैयार नहीं थे। जांच अधिकारी ने बाद में भी उनके बयान दर्ज करने की कोई साफ कोशिश नहीं की।’

विरोधाभासों और कमियों को देखते हुए, कोर्ट ने कहा, 'यह साफ है कि इस FIR को लेकर चुनिंदा और खराब जांच की गई है।' हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता की यह शिकायत कि असली दोषियों को छोड़ दिया गया है, उसी FIR में आगे की जांच की मांग करके अभी भी दूर की जा सकती है। इसलिए, कोर्ट ने बाद में दूसरी FIR दर्ज करने का आदेश रद्द कर दिया।

दिल्ली पुलिस ने दी थी मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती

मजिस्ट्रेट के अलग FIR के निर्देश को पहले दिल्ली पुलिस ने सेशंस कोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, एक एडिशनल सेशंस जज ने मजिस्ट्रेट के आदेश को सही ठहराया और मामले में पुलिस की खराब जांच के लिए DCP, नॉर्थ ईस्ट पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था। इसके बाद त्यागी और दिल्ली पुलिस दोनों हाई कोर्ट पहुंच गए।

यहां सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जांच में कमियां थीं, लेकिन यह जानबूझकर नहीं किया गया था। इसलिए, उसने DCP पर लगाए गए जुर्माने को हटा दिया। कोर्ट ने कहा, 'हालांकि इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि जांच में कई कमियां थीं और इसे ठीक से नहीं किया गया था, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे यह पता चले कि यह जानबूझकर किया गया था।'

Sourabh Jain

लेखक के बारे में

Sourabh Jain
सौरभ जैन पत्रकारिता में लगभग 15 वर्ष से जुड़े हुए हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत जुलाई 2009 में ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है। सौरभ को राजनीति, बॉलीवुड और खेल की खबरों में विशेष रुचि है। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज , धर्म ज्योतिष , एजुकेशन न्यूज़ , राशिफल और पंचांग पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।