औरत शादी करेगी, बच्चे पैदा करेगी, पुरुष मेडल जीतेगा; जस्टिस स्वर्ण कांता ने क्यों खारिज कर दी विनेश फोगाट की याचिका
मैटरनीटि लीव के बाद इस साल होने वाली सीनियर विश्व चैंपियनशिप के लिए महिला वर्ग के चयन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति मांगी थी।

पहलवान विनेश फोगाट ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी। इसमें उन्होंने मैटरनीटि लीव के बाद इस साल होने वाली सीनियर विश्व चैंपियनशिप के लिए महिला वर्ग के चयन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति मांगी थी। हलांकि कोर्ट ने उन्हें 14 सितंबर को इंदिरा गांधी स्टेडियम में होने वाले चयन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। यह चैंपियनशिप कजाकिस्तान के अस्ताना में 24 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होनी है।
मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा, उनका यह मानना है कि इस अंतरिम चरण में सभी खिलाड़ियों पर लागू होने वाले तय मानदंडों में केवल फोगाट के पक्ष में ढील नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि इसका असर उन अन्य खिलाड़ियों पर पड़ सकता है जो अदालत के सामने नहीं हैं।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने क्या कहा?
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा, समस्या यही है। एक महिला शादी करती है, बच्चे को जन्म देती है और उस दौरान पुरुष मेडल जीतते हैं और क्वालिफाई करते हैं। किसी को घर पर रहकर बच्चों की देखभाल करनी पड़ती है। इस बारे में भी कुछ किया जाना चाहिए, वरना यह बहुत नाइंसाफी है। कोर्ट ने कहा कि तय योग्यता मानदंडों को पूरा न करने के बावजूद उन्हें मुकाबले में शामिल होने की इजाज़त देना उनके पक्ष में एक खास एक्सेप्शन बनाने जैसा होगा।
उन्होंने कहा, कोर्ट इस बात से भी अवगत है कि मातृत्व और खेल करियर के बीच कैसे संतुलन बनाया जाए और क्या किसी खिलाड़ी को मातृत्व और अपने खेल करियर में से किसी को चुनने की जरूरत है। यह बड़ा सवाल है जिस पर सावधानीपूर्वक विचार करने की जरूरत है। इस मुद्दे पर वर्तमान कार्यवाही में अभी अंतिम रूप से विचार-विमर्श और निर्णय होना बाकी है।
'तय मानदंडों को यूं ही नजरअंदाज नहीं कर सकते'
अदालत ने कहा कि जब तक चयन नीति की वैधता और लागू होने की स्थिति पर फैसला नहीं हो जाता तब तक इसके तहत तय मानदंडों को किसी एक खिलाड़ी के मामले में यूं ही रद्द या नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। याचिकाकर्ता के पक्ष में कोई विशेष श्रेणी नहीं बनाई जा सकती खासकर तब जबकि समान स्थिति वाले अन्य खिलाड़ियों को भी इसी तरह की दुविधा का सामना करना पड़ सकता है और उन्हें अपने खेल करियर के दौरान इसी तरह के विकल्प चुनने पड़ सकते हैं।
भाषा से इनपुट


