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तीन साल में 4 बार बदले GRAP नियम, लेकिन हवा नहीं हो रही साफ; जानिए अब क्या बदला

तीन साल में 4 बार बदले GRAP नियम, लेकिन हवा नहीं हो रही साफ; जानिए अब क्या बदला

संक्षेप:

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए CAQM ने GRAP नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट को सौंपा है, जिसके तहत कई सख्त प्रतिबंध अब शुरुआती चरणों में ही लागू होंगे।

Nov 21, 2025 08:58 am ISTAnubhav Shakya लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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तीन साल में चौथी बार GRAP के नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। अगले हफ्ते से नई व्यवस्था लागू हो सकती है। CAQM ने सुप्रीम कोर्ट में प्रस्ताव जमा कर दिया है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि नियम चाहे जितने बदल लो, हवा साफ नहीं हो रही क्योंकि लागू ही देर से हो रहे हैं।

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नए बदलाव क्या हैं?

  • स्टेज-4 के कई सख्त नियम अब स्टेज-3 में लागू होंगे।
  • स्टेज-3 के कुछ नियम स्टेज-2 में खिसक जाएंगे।
  • सरकारी दफ्तरों के स्टैगर्ड टाइमिंग अब स्टेज-2 से ही शुरू हो जाएंगे, पहले स्टेज-3 में होते थे।
  • स्टेज-3 में दिल्ली-एनसीआर की सरकारों को फैसला करना होगा कि 50% कर्मचारी घर से काम करें या नहीं।

कहां है असली दिक्कत?

2022 में GRAP को पूरी तरह बदलकर कहा गया था कि अब जहरीली हवा आने से पहले ही रोकथाम शुरू कर देंगे। लेकिन ऐसा आज तक नहीं हुआ। IIT दिल्ली के प्रोफेसर मुकेश खरे (जिन्होंने 2017 में GRAP बनाया था) कहते हैं, 'भविष्यवाणी सही नहीं होती, इसलिए पहले से कदम नहीं उठ पाते। मौसम और प्रदूषण का अनुमान ही गलत निकल रहा है।'

भविष्यवाणी बार-बार फेल

इस बार भी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम ने कई बार गलत अलर्ट दिया। 10 नवंबर को कहा गया कि अगले दिन हवा बहुत खराब रहेगी। 11 नवंबर को सीधे गंभीर स्तर पर पहुंच गई। वहीं 12 और 13 नवंबर की भविष्यवाणी भी चूक गई। जब अनुमान ही गलत हो, तो पहले से बंदिशें लगाना नामुमकिन है।

CPCB के पूर्व एयर लैब प्रमुख दीपांकर साहा ने कहा कि सर्दियों में कुछ बेसिक नियम पूरे मौसम के लिए फिक्स करने चाहिए। स्टेज का इंतजार करते-करते देर हो जाती है, धुंध तो पहले ही छा चुकी होती है।

केवल कागजी रह जाते हैं नियम

कागज पर स्टेज-4 भी लग जाए, लेकिन सड़कों पर पुराने डीजल ट्रक चलते रहते हैं। कूड़ा जलता रहता है। निर्माण कार्य रुकता नहीं। पिछले दो साल से यही देखने को मिल रहा है। ऐलान तो बड़े होते हैं, लेकिन चेकिंग और जुर्माना न के बराबर।

कोर्ट की फटकार के बाद ही सुधार

दिसंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती की थी, तभी कुछ नियम पहले स्टेज में लाए गए थे। पुराने डीजल की इंटर स्टेट बसें स्टेज-2 से ही रोक दी गईं। चौकीदारों-सफाई कर्मियों को बिजली के हीटर देने का आदेश दिया गया। BS-4 डीजल गाड़ियों पर पाबंदी और सख्त की गई। अब फिर कोर्ट के दबाव में नया प्रस्ताव तैयार हुआ है।

Anubhav Shakya

लेखक के बारे में

Anubhav Shakya
भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद जी न्यूज से करियर की शुरुआत की। इसके बाद नवभारत टाइम्स में काम किया। फिलहाल लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। किताबों की दुनिया में खोए रहने में मजा आता है। जनसरोकार, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में गहरी दिलचस्पी है। एनालिसिस और रिसर्च बेस्ड स्टोरी खूबी है। और पढ़ें
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