पलूशन सर्टिफिकेट सिस्टम में बदलाव, गाड़ियां भी कम, दिल्ली सरकार ला रही कौन सा ऐप?
प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली सरकार पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) सिस्टम में बदलाव करने जा रही है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को पलूशन पर काबू पाने के लिए बड़े कदमों की घोषणा की।

प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली सरकार पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) सिस्टम में बदलाव करने जा रही है। दिल्ली सरकार ने पलूशन पर काबू पाने के लिए बुधवार को भी बड़े कदमों की घोषणा की। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इन कदमों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम करने के लिए दिल्ली वालों को राइड शेयर करने के लिए एक कार-पूलिंग ऐप बनाने पर काम कर रही है।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने फसलों की जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) सिस्टम में थर्ड-पार्टी मॉनिटरिंग के साथ बदलाव करेगी। यही नहीं दिल्ली सरकार गाड़ियों की भीड़ कम करने के लिए एक कार-पूलिंग ऐप भी बनाएगी ताकि राइड शेयर करने में लोगों को सहूलियत हो। हम ऐसा कार पूलिंग ऐप लाने की कोशिश कर रहे हैं जिसे लोग आसानी से डाउनलोड और इस्तेमाल कर सकें।
दिल्ली सरकार ने धूल की समस्या के समाधान पर भी जोर दिया है। सिरसा ने बताया कि सरकार ने फैसला लिया है कि मैकेनिकल रोड स्वीपर और कचरा उठाने वाली मशीनें खरीदने के लिए वह एमसीडी को 10 वर्षों में 2,700 करोड़ रुपये देगी। सरकार ने पूरे शहर में गड्ढों की निगरानी के लिए एक थर्ड पार्टी एजेंसी हायर करने का फैसला किया है। एजेंसी साल भर सर्वे करेगी। यह पूरी दिल्ली में घूमेगी और गड्ढों की पहचान करेगी। एजेंसी तस्वीरें खींचेगी और डेटा जमा करेगी।
मंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार ट्रैफिक सिस्टम में भी सुधार पर काम कर रही है। अभी तक ऐसा सिस्टम है कि यदि लंबा जाम भी लगा हो तब भी सिग्नल तय समय तक लाल ही रहता है। इससे जाम और बढ़ जाता है। नतीजतन पलूशन भी बढ़ता जाता है। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार एक इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ काम कर रही है। वह ऐसे सिस्टम पर काम कर रही है जिसमें यदि जाम लगा हो तो ट्रैफिक सिग्नल के लाल रहने का समय कम किया जा सके।
मंत्री सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार ट्रैफिक हॉटस्पॉट की पहचान करने के लिए गूगल मैप्स के साथ भी टाई-अप करेगी। पूरे शहर में लगभग 1,000 कचरा उठाने वाले वाहन उतारे जा रहे हैं। साथ ही 300 पानी के छिड़काव वाली मशीनें भी लगाई जा रही हैं। सरकार ने स्मॉग पर काबू पाने के लिए IIT मद्रास के साथ एक MoU साइन किया है। सरकार इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को 100 ऐसी बसों को हरी झंडी दिखाएंगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि AAP नेता जानबूझकर प्रदूषण बढ़ाने के लिए कचरा जला रहे हैं।

लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।




