दिल्ली के 4 खास टूरिज्म सर्किट में घूमने को हो जाएं तैयार, ऑनलाइन बुकिंग और किराया भी तय
पहले साल का कार्यकाल पूरा होने पर दिल्ली सरकार 20 फरवरी से चार खास टूरिज्म सर्किट और एक गाइडेड हेरिटेज वॉक शुरू करेगी। इसका मकसद दिल्ली के लोगों और पर्यटकों को राजधानी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्किटेक्चरल जगहों को दिखाने वाला एक सिस्टमैटिक टूर कराना है।

पहले साल का कार्यकाल पूरा होने पर दिल्ली सरकार 20 फरवरी से चार खास टूरिज्म सर्किट और एक गाइडेड हेरिटेज वॉक शुरू करेगी। इसका मकसद दिल्ली के लोगों और पर्यटकों को राजधानी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्किटेक्चरल जगहों को दिखाने वाला एक सिस्टमैटिक टूर कराना है।
दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्टेशन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (DTTDC) के एक अधिकारी ने बताया कि इस पहल में चार थीम वाले सर्किट शामिल हैं - 'दिल्ली की धरोहर', 'दिल्ली का दिल और विरासत', 'दिल्ली का रहस्य' और 'दिल्ली देखो दिल से'। इन सर्किटों पर सोमवार को छोड़कर रोज टूर किया जा सकेगा।उन्होंने बताया कि इन सर्किटों को आधे दिन के गाइडेड टूर के तौर पर डिजाइन किया गया है। इसमें राजधानी के खास स्मारक, म्यूजियम और पब्लिक प्लेस शामिल हैं।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग
अधिकारी ने बताया कि इन टूर के लिए टिकट ऑनलाइन बुक किए जा सकते हैं। इसके बाद टूरिस्ट को रिपोर्टिंग पॉइंट और शेड्यूल के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। बुकिंग के बाद विजिटर्स को एक तय असेंबली जगह के बारे में बताया जाएगा। वहां से DTTDC एक ऑर्गनाइज्ड बस सर्विस देगा। वही बस टूरिस्ट को चुने गए सर्किट में शामिल सभी जगहों पर ले जाएगी।
'दिल्ली की धरोहर'
अधिकारी के मुताबिक, 'दिल्ली की धरोहर' टूर सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा। इसमें अग्रसेन की बावड़ी, पुराना किला और अक्षरधाम मंदिर शामिल होंगे। साथ ही इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और भारत मंडपम जैसे लैंडमार्क को ड्राइव-पास से दिखाया जाएगा। टिकट की कीमतें वयस्कों के लिए 315 रुपए और बच्चों के लिए 157 रुपए तय की गई हैं।
'दिल्ली का दिल और विरासत'
इसी तरह 'दिल्ली का दिल और विरासत' सर्किट शाम 4 बजे से रात 9:30 बजे तक चलेगा। इसमें प्रधानमंत्री संग्रहालय, नेशनल वॉर मेमोरियल और कर्तव्य पथ, कुतुब कॉम्प्लेक्स और दिल्ली हाट का दौरा शामिल होगा। अधिकारी ने बताया कि रास्ते में 11 मूर्ति, एम्बेसी एरिया और रोशनी से सजी सरकारी इमारतें भी देखने को मिलेंगी। टिकट की कीमतें वयस्कों के लिए 420 रुपए और बच्चों के लिए 210 रुपए हैं।
'दिल्ली का रहस्य'
उन्होंने बताया कि 'दिल्ली का रहस्य' सर्किट एक मॉर्निंग टूर होगा। इसमें जंतर मंतर, नेशनल म्यूजियम, लोधी गार्डन और सफदरजंग मकबरे को कवर किया जाएगा। साथ ही सेंट्रल दिल्ली के लैंडमार्क के पास से गुजरते हुए नजारे भी दिखाए जाएंगे।
'दिल्ली देखो दिल से'
अधिकारी ने बताया कि 'दिल्ली देखो दिल से' टूर शाम को होगा और इसमें नेशनल वॉर मेमोरियल, इंडिया गेट, प्रधानमंत्री संग्रहालय और एक हिंदी लाइट-एंड-साउंड शो शामिल होगा। इसके बाद दिल्ली हाट का दौरा किया जाएगा।
हॉन्टेड हेरिटेज वॉक भी शुरू होगा
इसके अलावा, DTTDC 20 फरवरी से मालचा महल में एक हॉन्टेड हेरिटेज वॉक शुरू करेगा। उन्होंने बताया कि यह गाइडेड वॉक वीकेंड पर और ग्रुप की डिमांड पर कम से कम छह लोगों के साथ होगी। टिकट की कीमत 550 रुपए प्रति व्यक्ति होगी।
अधिकारी ने कहा कि टूरिज्म को बढ़ावा देने और दिल्ली के लोगों को दिल्ली के इतिहास को फिर से जानने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए पूरे महीने में ऐसे और भी खास अनुभव, हेरिटेज वॉक और कल्चरल एक्टिविटीज प्लान की गई हैं।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


