काम की बात: दिल्ली सरकार ने 84% तक घटाया DJB का इंफ्रास्ट्रक्टर चार्ज, इन लोगों को मिलेगा फायदा
राज्य सरकार की यह पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दिए उसी आदेश का हिस्सा है, जिसके तहत इस साल मई में उन्होंने शहर भर में पानी और सीवर से जुड़े चार्ज कम करने के मकसद से एक रिवाइज्ड और आसान इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज पॉलिसी बनाने की मंजूरी दी थी।

दिल्लीवासियों को एक बड़ी सौगात देते हुए राज्य सरकार ने बैंक्वेट हॉल, होटल और इंडस्ट्रीज जैसी अन्य व्यावसायिक जगहों (कमर्शियल स्पेसेस) के लिए लगने वाले DJB के इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज में 84 प्रतिशत तक की भारी कमी कर दी है।
इस बारे में गुरुवार को जारी एक आदेश में बताया गया कि 150 FAR (फ्लोर एरिया रेश्यो) वाले 1,000 sqm (स्क्वेयर मीटर) प्लॉट पर चार मंजिला बिल्डिंग की अलग-अलग कैटेगरी पर लागू नई दर, जगह की कैटेगरी और टाइप के आधार पर 14.5 प्रतिशत से 84.6 प्रतिशत तक की राहत देती है। DJB के इन नए रिवाइज्ड इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज से सबसे ज्यादा फायदा फैक्ट्रियों और इंडस्ट्रियल यूनिट्स को होने का अनुमान है। क्योंकि इससे कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की शुरुआती लागत काफी कम होने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड के इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज (I&FC) 150 स्क्वेयवर मीटर और 200 स्क्वेयर मीटर के बीच के साइज वाले प्लॉट पर नए निर्माण और अतिरिक्त काम के लिए लगाए जाते हैं। इस दौरान कंस्ट्रक्शन का काम शुरू होने से पहले ये चार्ज देना होता है।
कमर्शियल असेंबली और बैंक्वेट हॉल के लिए अब लगेगा इतना शुल्क
इस बारे में जारी आदेश में बताया गया कि 'कमर्शियल असेंबली और बैंक्वेट हॉल के लिए A और B कैटेगरी में लगने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज को 57.68 लाख रुपए से 65.7% घटाकर 19.80 लाख रुपए कर दिया गया है। जबकि C श्रेणी में लगने वाले 41.20 लाख रुपए के चार्ज को 51.94% घटाकर 19.80 लाख रुपए कर दिया गया है। वहीं D कैटेगरी में लगने वाले 24.72 लाख रुपए के चार्ज में 19.9% की कमी करते हुए 19.80 लाख रुपए कर दिया गया है।'
इसी तरह E और F श्रेणी के प्रोजेक्ट्स के लिए लगने वाले शुल्क में 39.9% की कमी की गई है और अब इसके लिए 16.48 लाख रुपए की बजाय 9.90 लाख रुपए देने होंगे। वहीं G और H श्रेणी के लिए लगने वाला चार्ज को 63.9% घटाकर 16.48 लाख रुपए की जगह 5.94 लाख रुपए कर दिया गया है।
होटलों के लिए लगने वाले I&FC शुल्क में भी की गई भारी कमी
नए बदलाव के बाद होटलों के लिए लगने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज में भी भारी कमी करते हुए राहत दी गई है। इस बारे में जारी आदेश में बताया गया है कि ‘A और B श्रेणी के होटलों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज को 57.68 लाख रुपए से 58.3 प्रतिशत घटाकर 24.06 लाख रुपए कर दिया गया है। जबकि C कैटेगरी के लिए लगने वाले शुल्क में 41.6 प्रतिशत की कमी करते हुए उसे 41.20 लाख रुपए से घटाकर 24.06 लाख रुपए कर दिया गया है।’
औद्योगिक इमारतों के लिए लगने वाली फीस को भी घटाया गया
रिवाइज्ड दरों के इस आदेश के अनुसार 'चार मंजिला औद्योगिक इमारतों के लिए, कैटेगरी A और B के चार्ज को 57.68 लाख रुपए से 84.6% घटाकर 8.91 लाख रुपए कर दिया गया है। जबकि कैटेगरी C के शुल्क में 78.4% की कटौती करते हुए इसे 41.20 लाख रुपए से घटाकर 8.91 लाख रुपए कर दिया गया है। उधर D कैटेगरी में 64% की कमी करते हुए चार्ज को 24.72 लाख रुपए से घटकर 8.91 लाख रुपए कर दिया गया है।'
इसी तरह, E और F कैटेगरी को 73 परसेंट की कमी का फायदा होगा, यानी चार्ज 16.48 लाख रुपए से घटकर 4.46 लाख रुपए हो जाएगा। वहीं कैटेगरी G और H को शुल्क में 83.8 प्रतिशत की कमी का फायदा मिलेगा, यानी फीस 16.48 लाख रुपए से घटकर 2.67 लाख रुपए हो जाएगी।
इस बारे में जारी आदेश में कहा गया है कि, 'A और B श्रेणी के लिए लगने वाले 54.93 लाख रुपए के चार्ज को 31 प्रतिशत घटाकर 37.58 लाख रुपए कर दिया गया है। C और D कैटेगरी में से हर एक में 14.5 प्रतिशत की कमी की गई है, जिसमें चार्ज 43.95 लाख रुपए से घटकर 37.58 लाख रुपए कर दिया गया है।' E और F एरिया में, चार्ज 27.47 लाख रुपए से घटाकर 18.79 लाख रुपए कर दिया गया है, जो 31.6 परसेंट की कमी है।
इस कमी से होने वाले फायदों की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने कहा, 'इस बड़ी कमी से इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स लगाने की लागत कम होने और नेशनल कैपिटल में मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।' अधिकारियों के अनुसार, नई पॉलिसी अधिक पारदर्शिता लाने, मौजूदा सिस्टम को आसान बनाने और निवासियों और इंस्टीट्यूशन्स को बड़ी फाइनेंशियल राहत देने के लिए बनाई गई है।


