
दिल्ली में बौद्धिक दिव्यांगों के केंद्रों की सुधरेंगी सेवाएं, 758 नए पदों को मंजूरी
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के अपने 5 आवासीय केंद्रों में रहने वाले बौद्धिक दिव्यांगजनों की देखभाल को मजबूत करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने इन केंद्रों के लिए 758 नए पदों को मंजूरी दी है।
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के अपने 5 आवासीय घरों में रहने वाले बौद्धिक दिव्यांगजनों की देखभाल को मजबूत करने के लिए समाज कल्याण विभाग के तहत 758 नए पदों को मंजूरी दी है। एक अधिकारिक सर्कुलर में कहा गया है कि इस कदम का मकसद रोहिणी के आशा किरण गृह परिसर के साथ ही नरेला, नजफगढ़, जेल रोड और दल्लूपुरा स्थित अन्य केंद्रों में रहने वालों के लिए सेवाओं में सुधार करने के साथ ही पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराना है।

दिल्ली सरकार ने बौद्धिक दिव्यांगजनों के आवासीय घरों के लिए 758 पदों को मंजूरी दी है। सर्कुलर में दी गई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली सरकार की ओर से मंजूर किए गए पदों में अधीक्षक के दो, कल्याण अधिकारियों के 14, मैट्रन या गृहस्वामियों के 16 और गृहस्वामियों या देखभाल करने वालों के 450 पद शामिल हैं। इतना ही नहीं 189 कार्यवाहक पद, रसोइयों के 11 पद, रसोई सहायकों के 40 और धोबियों के 11 पद भी मंजूर किए गए हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि विभाग की ओर से प्रशासनिक कार्यों में सहयोग देने के लिए शिल्प प्रशिक्षकों के लिए 12 पद, उच्च श्रेणी लिपिक (वरिष्ठ सहायक) के लिए चार और निम्न श्रेणी लिपिक (कनिष्ठ सहायक) के लिए 5 पद मंजूर किए हैं। दिल्ली सरकार के इस फैसले से गृहों के प्रबंधन में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।
इन 5 केंद्रों में रोहिणी के अवंतिका स्थित आशा किरण गृह परिसर (क्षमता 570 लोग), जेल रोड स्थित निर्मल छाया स्थित आशा ज्योति गृह और नरेला स्थित अटल आशा गृह शामिल हैं। इनमें से हर एक की क्षमता 120 लोगों की है। इनमें नजफगढ़ स्थित आशा दीप गृह (क्षमता 220 लोग) जबकि दल्लूपुरा स्थित आशा किरण गृह (क्षमता 54 लोग) केंद्र भी शामिल हैं। इन पदों पर नियुक्तियां होने से व्यवस्थाओं में सुधार आएगा।





