दिल्ली में वर्क फ्रॉम होम खत्म, सरकार ने ऑफिस टाइमिंग में भी किया बदलाव

एएनआई, नई दिल्ली
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दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों के लिए मई से लागू वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। सरकार ने हर हफ्ते दो दिन वर्क फ्रॉम होम और मेट्रो मंडे पहल लागू की थी। दिल्ली सरकार ने ऑफिस के समय में भी बदलाव किया है। इस संबंध में आज आदेश जारी किया जाएगा।

Rekha gupta

दिल्ली सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बुधवार और शनिवार को वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था को खत्म करने की मंजूरी दे दी है। गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि जियो-पॉलिटिकल हालात के सामान्य होने का हवाला देते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस व्यवस्था को खत्म कर दिया है। वर्क फ्रॉम होम सुविधा को खत्म करने के बारे में आज एक औपचारिक आदेश जारी होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि अब जब जियो-पॉलिटिकल हालात लगभग सामान्य हो गए हैं तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार और शनिवार को वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था खत्म करने को मंजूरी दे दी है।

एमसीडी के समय में बदलाव नहीं

वर्क फ्रॉम होम की पॉलिसी में बदलाव के साथ-साथ दिल्ली सरकार ने ऑफिस के समय में भी बदलाव किया है। नए शेड्यूल के अनुसार, दिल्ली सरकार के ऑफिस का समय अब ​​सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक होगा। वहीं, दिल्ली नगर निगम के ऑफिस के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह पहले जैसा ही सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहेगा।

मई में जारी हुआ था आदेश

यह फैसला दिल्ली सरकार द्वारा पहले लागू किए गए बड़े पैमाने पर मितव्ययिता (खर्च में कटौती) और ईंधन बचाने वाले उपायों को वापस लेने जैसा है। इससे पहले मई में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण कम करने, ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने और ईंधन की खपत कम करने के लिए कई प्रशासनिक पहल शुरू की थीं। यह कदम पश्चिम एशिया के संघर्ष से जुड़ी वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आर्थिक मजबूती का समर्थन करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद उठाया गया था।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए प्रोत्साहित किया था

पहले के आदेश के तहत दिल्ली सरकार ने हर हफ्ते दो दिन वर्क फ्रॉम होम और मेट्रो मंडे जैसी पहल लागू की थी। इसमें मंत्रियों और सीनियर अधिकारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। सरकार ने मंत्रियों और अधिकारियों के सभी आधिकारिक विदेशी दौरों पर एक साल की रोक और दिल्ली सरकार के लिए नई पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या हाइब्रिड गाड़ियां खरीदने पर छह महीने की रोक की भी घोषणा की थी।

नो व्हीकल डे मनाने की अपील की थी

मुख्यमंत्री ने पहले लोगों से हर हफ्ते नो व्हीकल डे मनाने की अपील की थी। साथ ही संस्थानों को ट्रांसपोर्ट की जरूरत कम करने के लिए ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन सुनवाई और लेक्चर आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया था। अब स्थिति स्थिर होने के कारण सरकार ने शहर के ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए अलग-अलग समय वाले फॉर्मेट को बनाए रखते हुए ऑफिस का कामकाज सामान्य रूप से शुरू करने का फैसला किया है।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

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