दिल्ली सरकार ने MCD के लिए खोला खजारा, की एकमुश्त 500 करोड़ रुपए की मदद; करने होंगे ये काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी को सही मायनों में विकसित दिल्ली बनाने के लिए स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त किया जाना आवश्यक है। हमारा लक्ष्य दिल्ली में स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण है। फंड के उपयोग और कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा के लिए सख्त निर्देश भी दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें सीएम ने MCD के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ मिलकर निगम के कामकाज की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने और धूल से होने वाले प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली नगर निगम को 500 करोड़ रुपए की एकमुश्त सहायता दी। इस धनराशि से सफाई व सड़कों की छोटी-मोटी मरम्मत कर धूल उड़ने की समस्या को कम किया जाएगा। इसके साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने नगर निगम को हर साल 300 करोड़ रुपए की नियमित सहायता देने का प्रावधान भी किया।
सीएम ने बताया किन कामों पर खर्च होगी राशि
मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम को दी गई इस राशि का कुछ हिस्सा उन कंपनियों का पुराना बकाया चुकाने में खर्च होगा जो कचरा प्रबंधन का काम करती हैं। ताकि वे बेहतर तरीके से अपने काम को अंजाम दे सकें। जबकि कुछ हिस्सा सफाई व्यवस्था को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए दिया जाएगा ताकि कचरा उठाने और उसे ले जाने में होने वाले मासिक घाटे की भरपाई की जा सके। साथ ही, कुछ हिस्सा उन खास इलाकों से कूड़ा हटाने के लिए भी दिया जाएगा जहां ठेकेदार काम नहीं करते। इसके अतिरिक्त सड़कों की छोटी-मोटी मरम्मत, जैसे गड्ढे भरने, छोटे पैच रिपेयर और धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के कामों पर भी राशि खर्च की जाएगी।
खर्च की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
बैठक में मुख्यमंत्री ने निगम को निर्देश दिए हैं कि यह पूरी राशि केवल स्वीकृत उद्देश्यों के लिए ही उपयोग की जाए और इसका किसी अन्य योजना में उपयोग नहीं किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम को सभी वित्तीय नियमों का पालन करते हुए खर्च की नियमित निगरानी सुनिश्चित करनी होगी और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
विकसित दिल्ली के लिए प्रदूषण मुक्त होना आवश्यक
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी को सही मायनों में विकसित दिल्ली बनाने के लिए स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त किया जाना आवश्यक है। इसके लिए सफाई व्यवस्था का भी चाक-चौबंद रहना जरूरी है। कूड़ा आदि से निकली धूल भी प्रदूषण को बढ़ाती है, इसलिए हमारी सरकार ने निर्णय लिया है कि राजधानी को साफ व स्वच्छ बनाने की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम को कूड़ा उठाने की व्यवस्था को और बेहतर बनाना होगा। दिल्ली सरकार सफाई से जुड़े आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए निगम को अलग से पर्याप्त धनराशि दे रही है, ताकि सफाई के काम में बेहतर और तेजी से नतीजे मिल सकें।
नए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगेंगे, पुराने अपग्रेड होंगे
बैठक में मुख्यमंत्री ने कूड़े से ऊर्जा बनाने वाले नए प्लांट लगाने के निर्देश दिए और मौजूदा प्लांट को अपग्रेड भी करने को कहा। इसके अलावा सीएम ने हरित कूड़े के सही उपयोग पर जोर देते हुए एमसीडी नेताओं को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आधुनिक मशीनें लगाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि कूड़े का बेहतर प्रबंधन भी राजधानी को साफ-सुथरा बनाने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि गीले व सूखे कूड़े को उठाने की प्रक्रिया भी सरल बनाई जाए, ताकि लोगों का रुझान इस ओर बढ़ सके।
इस बैठक में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, महापौर राजा इकबाल सिंह, उपमहापौर जय भगवान यादव, नेता सदन प्रवेश वाही, स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा और निगम आयुक्त संजीव खिरवार भी शामिल हुए।
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