दिल्ली सरकार सितंबर में लागू कर सकती है ड्रोन और सेमीकंडक्टर पॉलिसी, क्या होंगे इनके फायदे
दिल्ली सरकार सितंबर के आखिर तक ड्रोन और सेमीकंडक्टर पॉलिसी लागू करने की योजना बना रही है। इनके जरिये निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार सितंबर महीने तक ड्रोन और सेमीकंडक्टर पॉलिसी लागू करने की योजना बना रही है। इनके ड्राफ्ट जल्द ही मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के पास भेजे जा सकते हैं। अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि इन दोनों पॉलिसी का मकसद नई तकनीक को बढ़ावा देने के साथ ही राजधानी में रोजगार और निवेश के नए मौके पैदा करना है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों पॉलिसी के ड्राफ्ट सीएम गुप्ता को भेजे जाएंगे। मंजूरी की प्रक्रिया पूरी करके सितंबर के आखिर या अक्टूबर के मध्य तक पॉलिसी लागू करने की योजना है।
एचटी की रिपोर्ट के अनुसार एक अधिकारी ने कहा, “मंजूरी मिलने के बाद इन नीतियों पर जनता की राय ली जाएगी और उसके बाद कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद इन नीतियों को मंजूरी के लिए उपराज्यपाल के पास भेजा जाएगा।”
अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन पॉलिसी के तहत सरकार दिल्ली में ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और एक खास इकोसिस्टम विकसित करने की योजना बना रही है। इस पॉलिसी का मकसद ड्रोन कंपनियों, स्टार्टअप्स, ट्रेनिंग और इससे जुड़ी दूसरी गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
ड्रोन इकोसिस्टम के लिए DDA से नरेला में जमीन मांगेगी सरकार
अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत सरकार दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को पत्र लिखकर नरेला में ड्रोन इकोसिस्टम बनाने के लिए जमीन की मांग करेगी। इन दिनों ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी, मैपिंग, खेती, डिलीवरी सर्विस, इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच और इमरजेंसी जैसे कई कामों के लिए तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि एक खास इकोसिस्टम बनने से और भी कंपनियां और स्टार्टअप इस सेक्टर में काम करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
सेमीकंडक्टर पॉलिसी इन 5 मुख्य बिन्दुओं करेगी फोकस
इस बीच, सेमीकंडक्टर पॉलिसी को पांच मुख्य स्तंभों के आधार पर बनाया गया है, जिससे यह उद्योगों को काफी बल मिलेगा।
- सेमीकंडक्टर डिजाइन और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी डेवलपमेंट
- रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन
- मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी गतिविधियां जैसे असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) और आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग (OSAT)
- सहायक उद्योगों का विकास
- टैलेंट डेवलपमेंट व स्किलिंग के साथ-साथ स्टार्टअप और इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम को मजबूत करना।
अधिकारियों ने कहा कि ये दोनों पॉलिसी टेक्नोलॉजी पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के नए-नए अवसर पैदा करने की दिल्ली सरकार की बड़ी योजना का हिस्सा हैं। दोनों पॉलिसी के तहत मिलने वाले इंसेंटिव और दूसरे फायदे ड्राफ्ट मंजूर होने के बाद साफ हो जाएंगे।


