काम की बात: दिल्ली में बनेगा स्पिरिचुअल टूरिज्म सर्किट, इन मंदिरों को जोड़ने का प्लान; चलेंगी स्पेशल बसें
Delhi Spiritual Tourism Circuit : दिल्ली में एक स्पिरिचुअल टूरिज्म सर्किट बनाने का तैयारी चल रही है। इसके माध्यम से लोग स्पेशल बसों के जरिये राजधानी के कई प्रमुख मंदिरों के एक साथ दर्शन कर सकेंगे।

दिल्ली सरकार राजधानी के कई प्रसिद्ध और बड़े मंदिरों को आपस में जोड़ने वाला एक नया स्पिरिचुअल टूरिज्म सर्किट (Spiritual Tourism Circuit) शुरू करने की योजना बना रही है। इस स्पिरिचुअल टूरिज्म सर्किट के जरिये लोग जल्द ही स्पेशल पर्यटन बसों के माध्यम से अक्षरधाम से लेकर सदियों पुराने योगमाया मंदिर तक यात्रा कर सकेंगे।
एक अधिकारी ने शनिवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) इस पहल के तहत दो स्पेशल बसें शुरू करने की योजना बना रहा है। ये बसें एक व्यवस्थित मार्ग से होते हुए शहर के प्रमुख मंदिरों को आपस में जोड़ेंगी।
स्पिरिचुअल टूरिज्म सर्किट इन मंदिरों को जोड़ने की योजना
अधिकारी के अनुसार, प्रस्तावित स्पिरिचुअल टूरिज्म सर्किट में अक्षरधाम मंदिर, बिड़ला मंदिर, भगवान वेंकटेश्वर (बालाजी) मंदिर, सीआर पार्क में स्थित काली बाड़ी मंदिर तथा महरौली में स्थित योगमाया मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल होंगे।
यहां से बुक कर सकेंगे बस की टिकट
उन्होंने कहा कि दिल्ली के मंदिरों में घूमने के इच्छुक पर्यटक विभाग के 'देखो मेरी दिल्ली' प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी सीटें बुक कर सकेंगे, जहां लॉन्च के बाद इस नए सर्किट को शामिल किए जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट अभी टेंडरिंग के चरण में है। अभी तक लॉन्च की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन तैयारी का काम चल रहा है।
एक साथ कई धार्मिक स्थल घूम सकेंगे पर्यटक
उन्होंने कहा, “बसें एक आध्यात्मिक स्थल से दूसरे आध्यात्मिक स्थल तक जाएंगी, जिससे विजिटर्स एक ही यात्रा के माध्यम से अनेक धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे। जैसे-जैसे यह स्पिरिचुअल टूरिज्म सर्किट विकसित होगा, इसमें और मंदिर भी जोड़े जा सकते हैं।”
छोटी बसें चलाए जाने की योजना
विभाग की योजना शुरुआत में दो बसें चलाने और सेवा का विस्तार करने से पहले जनता के फीडबैक का आकलन करने की है। रूट और हाइट संबंधी सीमाओं के कारण छोटी बसों का उपयोग किए जाने की संभावना है। अधिकारी ने कहा कि इस पहल का मकसद हेरिटेज साइट्स देखने के अलावा दिल्ली में टूरिज्म के और विकल्प देना है।
अक्सर मुगलकालीन इमारतों से होती है दिल्ली की पहचान
अधिकारी ने कहा कि दिल्ली की पहचान अक्सर मुगलकालीन इमारतों और पुरातात्विक स्थलों से होती है, लेकिन यहां कई ऐसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल भी हैं, जो पूरे साल भक्तों और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित सर्किट डीटीटीडीसी की ओर से शुरू की गई कई पर्यटन पहलों में से एक है। इनमें विरासत को बढ़ावा देने वाले अभियान, स्मारकों के संरक्षण की कोशिशें और ऐसे कार्यक्रम शामिल हैं जिनका मकसद स्थानीय लोगों को शहर की सांस्कृतिक धरोहरों को जानने-समझने के लिए प्रोत्साहित करना है।
दिल्ली सरकार ने इस साल की शुरुआत में हेरिटेज टूरिज्म सर्किट के तहत राजधानी के प्रमुख स्मारकों और पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली 'हॉप-ऑन, हॉप-ऑफ' डबल-डेकर बस सेवा शुरू की थी। अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित आध्यात्मिक पर्यटन बसें मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर खास तौर पर ध्यान केंद्रित करके उस पहल को और बेहतर बनाएंगी।


