गड़बड़ी का शक; दिल्ली में सरकरी शराब की दुकानों का ऑडिट का आदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शराब की सरकारी दुकानों में पिछले पांच वर्षों की वित्तीय अनियमितताओं की आशंका के चलते ऑडिट के आदेश दिए हैं। चार प्रमुख एजेंसियों को स्टॉक और खातों का मिलान कर दो महीने में रिपोर्ट सौंपनी होगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी शराब दुकानों के वित्तीय रिकॉर्ड की व्यापक जांच और ऑडिट के आदेश दिए हैं। यह कदम बीते 5 वर्षों में खातों में मिली गड़बड़ियों और अनियमितताओं के संदेह के बाद उठाया गया है। यह ऑडिट दिल्ली की उन चार प्रमुख सरकारी एजेंसियों पर लागू होगा जो शराब की बिक्री का संचालन करती हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय कुप्रबंधन और लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित विभागों को दो महीने के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली में चार सरकारी निगम मिलकर 700 से ज्यादा शराब की दुकानें चलाते हैं जिनमें डीएसआईआईडीसी, डीटीटीडीसी, डीसीसीडब्ल्यूएस और डीएससीएससी शामिल हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने रविवार को बताया कि मुख्यमंत्री ने पिछले पांच साल के वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करने का आदेश दिया है।
गड़बड़ियों के संदेह के चलते आदेश
जारी बयान के मुताबिक, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को सरकारी शराब की दुकानों के वित्तीय रिकॉर्ड्स का व्यापक ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं। बीते 5 वर्ष में खातों में गड़बड़ियों के संदेह के चलते यह कदम उठाया गया है। ऑडिट का आदेश उन चार प्रमुख एजेंसियों पर लागू होगा जो दिल्ली में शराब की खुदरा बिक्री संचालित करती हैं। इनमें दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक भंडार, दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम, दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम तथा दिल्ली राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम शामिल हैं।
गड़बड़ी नहीं होगी बर्दाश्त
मुख्यमंत्री ने निगरानी और वित्तीय नियंत्रण को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि लापरवाही, खातों में गड़बड़ी और वित्तीय कुप्रबंधन को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी एजेंसियों को पिछले 5 वर्षों के बिक्री, खरीद, स्टॉक और नकद खातों का विस्तृत मिलान करने और आबकारी विभाग के साथ कोऑर्डिनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आबकारी आयुक्त करेंगे जांच
आबकारी आयुक्त स्वतंत्र रूप से बिक्री, स्टॉक और राजस्व के आंकड़ों की जांच करेंगे। ऑडिट की विस्तृत रिपोर्ट आदेश जारी होने के दो महीने के भीतर वित्त विभाग को देनी होगी। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। यह फैसला सरप्राइज जांच और फाइनेंस डिपार्टमेंट की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद लिया गया है। इसमें लंबे समय से खातों का मिलान नहीं होने के कारण अनियमितताएं सामने आई हैं।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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