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महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली सरकार सतर्क, एडवाइजरी जारी

महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली सरकार सतर्क, एडवाइजरी जारी

संक्षेप:

दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने निर्देश दिया है कि महिला कर्मचारियों को कार्य समय के बाद कार्यालय में न रोका जाए। विभाग ने एक परामर्श में यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि अगर महिलाओं को देर तक काम करना पड़े तो उन्हें सुरक्षित रूप से घर तक पहुंचाया जाए।

Dec 13, 2025 09:32 pm ISTSubodh Kumar Mishra भाषा, नई दिल्ली
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दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि महिला कर्मचारियों को कार्य समय के बाद कार्यालय में न रोका जाए। विभाग ने इस सप्ताह की शुरुआत में जारी एक परामर्श में यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि अगर महिलाओं को देर तक काम करना पड़े तो उन्हें सुरक्षित रूप से घर तक पहुंचाया जाए।

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परामर्श के मुताबिक, महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, गरिमा व कल्याण सर्वोपरि है। इस बात पर जोर दिया गया है कि विभाग का यह कर्तव्य है कि वह हर समय सुरक्षित और अनुकूल कार्य वातावरण सुनिश्चित करे। इसमें कहा गया कि महिला कर्मचारियों को सामान्य कार्य समय से अधिक समय तक कार्यालय में रहने की स्थिति में स्पष्ट सुरक्षा उपाय, व्यवस्थित उत्तरदायित्व और कड़ी निगरानी आवश्यक है ताकि आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करते समय किसी भी महिला को जोखिम में न डाला जाए।

परामर्श के मुताबिक, यह निर्देश दिया जाता है कि किसी भी महिला कर्मचारी को सामान्य कार्य समय से अधिक समय तक कार्यालय में रहने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, जब तक कि यह बिल्कुल अपरिहार्य न हो। ऐसी सभी असाधारण परिस्थितियों में, संबंधित शाखा प्रमुख/रिपोर्टिंग अधिकारी उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

परामर्श में निर्देश दिया गया कि प्रत्येक शाखा प्रमुख को पहले से यह आकलन करना चाहिए कि क्या किसी महिला कर्मचारी को देर तक रुकने की आवश्यकता वाला कार्य आवश्यक और अपरिहार्य है।इसमें कहा गया है कि सुनिश्चित करें कि महिला कर्मचारियों को नियमित या समय-सीमा से बाहर के कार्यों के लिए न रोका जाए, जिन्हें अगले कार्यदिवस पर उचित रूप से किया जा सकता है।

परामर्श के मुताबिक, अगर देर तक रुकना अपरिहार्य हो जाता है तो विभाग को उचित व्यवस्था करने के लिए समन्वय करना चाहिए ताकि महिला कर्मचारी को उसके निवास स्थान या किसी अन्य सुरक्षित व सुविधाजनक स्थान पर सुरक्षित रूप से छोड़ा जा सके। परामर्श में बताया गया है कि यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से जवाबदेह रहें कि ऐसी व्यवस्थाएं वास्तव में की जाएं और समय पर लागू की जाएं।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra
सुबोध कुमार मिश्रा लाइव हिन्दुस्तान में दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों की गतिविधियों पर लिखते हैं। 17 साल से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सेवाएं दे रहे सुबोध ने यूं तो डीडी न्यूज से इंटर्नशिप कर मीडिया में प्रवेश किया था, लेकिन पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत दैनिक जागरण, जम्मू से बतौर ट्रेनी 2007 में की। वह कई मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। वह दैनिक जागरण, नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स, अमर उजाला और हिन्दुस्तान अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल का अनुभव रखने वाले सुबोध मूलरूप से बिहार के छपरा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने स्कूली शिक्षा से लेकर विज्ञान में स्नातक तक की पढ़ाई बिहार से की है। उसके बाद दिल्ली में इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता व मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। सुबोध वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के स्टेट डेस्क पर काम कर रहे हैं। वह राजनीति और अपराध से जुड़ी खबरों में विशेष रूचि रखते हैं। और पढ़ें
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