दिल्ली सरकार की पहल; अस्पतालों के पास खुलेंगी 40 नई अटल कैंटीन, ₹5 में मिलेगा भोजन
दिल्ली सरकार मरीजों और उनके तीमारदारों की सुविधा के लिए अस्पतालों के पास 40 नई अटल कैंटीन खोलने जा रही है। ये कैंटीन अब सुबह 10 से रात 10 बजे तक लगातार 12 घंटे खुली रहेंगी। इनमें मात्र 5 रुपये में पौष्टिक थाली मिलेगी।

दिल्ली सरकार ने मरीजों के तीमारदारों और जरूरतमंदों की सुविधा के लिए अस्पतालों के पास 40 नई अटल कैंटीन खोलने का फैसला किया है। अब ये कैंटीन सुबह 10 से रात 10 बजे तक पूरे 12 घंटे खुली रहेंगी ताकि अस्पताल आने वाले लोगों को किसी भी समय भोजन मिल सके। मौजूदा वक्त में दिल्ली में 71 ऐसी कैंटीन चल रही हैं जिन्हें मार्च के अंत तक बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य है। इन कैंटीनों में मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन जैसे रोटी, चावल, सब्जी और अचार मिलता है।
अस्पतालों के पास 40 नई अटल कैंटीन खोलने का प्लान
एक अधिकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार मरीजों और उनके मददगारों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के पास लगभग 40 नई अटल कैंटीन खोलने की योजना बना रही है। इन कैंटीनों के खुलने का समय सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक कर दिया जाएगा।
लगातार 12 घंटे खुली रहेंगी
अधिकारी ने बताया कि अभी अटल कैंटीन दो समय पर चलती हैं। दोपहर का खाना सुबह 11.30 से दोपहर 2.00 बजे तक मिलता है और रात का खाना शाम 6.30 से रात 9.00 बजे तक मिलता है। लेकिन अस्पतालों में बनने वाली नई कैंटीन लगातार 12 घंटे खुली रहेंगी।
तीमारदारों को बड़ी राहत
अधिकारी ने बताया कि इस योजना का मकसद मरीजों के तीमारदारों और अस्पतालों में लंबे समय तक रुकने वाले लोगों की भोजन की जरूरतों को पूरा करना है। दिल्ली सरकार ने 19 फरवरी को दिल्ली में 25 अटल कैंटीन की शुरुआत की थी। यह योजना गरीब लोगों, मजदूरों और अन्य जरूरतमंदों को कम कीमत पर अच्छा भोजन देने के अभियान का हिस्सा है।
5 रुपये में पौष्टिक थाली
मौजूदा वक्त में दिल्ली में 71 अटल कैंटीन हैं। सरकार मार्च के अंत तक इनकी संख्या 100 करना चाहती है। इस योजना के तहत गरीब लोगों को सिर्फ 5 रुपये में पौष्टिक थाली मिलती है जिसमें रोटी, चावल, सब्जी और अचार शामिल होता है। हर कैंटीन में दोपहर और रात के खाने के लिए 500-500 थाली की सीमा तय की गई है। यही नहीं खाना लेने के लिए लोगों को क्यूआर कोड वाला टोकन लेना पड़ता है।
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Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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