दिल्ली में दोबारा बनेंगी ये सरकारी कॉलोनियां; दिखेंगी बहुमंजिली इमारतें, क्या प्लान?
दिल्ली में आने वाले समय में सरकारी हाउसिंग कॉलोनियों का बदलाव देखा जा सकता है। दिल्ली सरकार पीडब्ल्यूडी की कॉलोनियों को ऊंची इमारतों के रूप में दोबारा विकसित करने की योजना बना रही है।

दिल्ली में सरकारी हाउसिंग कॉलोनियों का बदलाव हो सकता है। दिल्ली सरकार पीडब्ल्यूडी की कॉलोनियों को ऊंची इमारतों के रूप में फिर से विकसित करने की योजना बना रही है। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार मौजूदा फ्लैटों को गिराकर बहु-मंजिली इमारतें बनाएगी। सबसे पहले उत्तरी दिल्ली में कुछ कॉलोनियों को विकसित करने की योजना है। काम केंद्र सरकार की 'जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन' की तर्ज पर होगा।
टीओडी नीति के तहत विकसित होंगे मल्टी स्टोरी फ्लैट्स
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि सरकार सरकारी हाउसिंग कॉलोनियों के फ्लैटों को गिराकर 'ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट यानी टीओडी' पॉलिसी के तहत बहु मंजिली इमारतें बनाएगी। दिल्ली सरकार की योजना के तहत सबसे पहले उत्तरी दिल्ली में कायपलट की तैयारी है। गुलाबी बाग, मयूर विहार में कल्याणवास जबकि डिफेंस कॉलोनी के पास बहापुर की कॉलोनियों को योजना के तहत लिए जाने की संभावना है।
10 फीसदी हिस्से का होगा कमर्शियल यूज
लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के अनुसार, गुलाबी बाग और कल्याणवास में घरों के साथ कमर्शियल प्रोजेक्ट भी डेवलप किए जाएंगे। कुल क्षेत्र का लगभग 10 फीसदी हिस्सा कमर्शियल कामों या प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे रीडेवलपमेंट में आए खर्च की भरपाई की जा सकेगी। गुलाबी बाग और कल्याणवास में अधिकारियों और कर्मचारियों को फ्लैट्स देने के बाद बाकी जो फ्लैट्स बचेंगे उनको बेचा जाएगा।
मौजूदा मकान गिराकर बहुमंजिली इमारतों का निर्माण
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने यह भी बताया कि इन प्रोजेक्ट्स से होने वाली आमदनी का इस्तेमाल आईटीओ में नए दिल्ली सचिवालय कॉम्प्लेक्स के विकास के लिए भी किया जाएगा। कुल मिलाकर मंत्री के मुताबिक, सरकारी हाउसिंग कॉलोनियों में मौजूदा मकान गिराकर बहुमंजिली इमारतों का निर्माण होगा। इससे मूल निवासियों की जरूरत से ज्यादा फ्लैट बनाए जा सकेंगे। 10 फीसदी में कमर्शियल प्रोजेक्ट भी बनेंगे जिससे रिडेवलपमेंट की लागत वसूली जाएगी।
बहापुर में मौजूद फ्लैट्स गिराकर दोबारा बनाए जाएंगे आशियानें
‘इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने आगे कहा कि डिफेंस कॉलोनी के पास बहापुर में मौजूद फ्लैट्स की हालत बेहद खराब है। इनको गिराकर दोबारा बनाए जाने की जरूरत है। ऐसे में यहां बनाई जाने वाली इमारतें पूरी तरह से रिहायशी होंगी। बहापुर में जो फ्लैट बनेंगे उनमें बेडरूम, हॉल और किचन होंगे। यह परियोजना जल्द सामने आएगी। इसके लिए अगले हफ्ते टेंडर जारी किए जाएंगे। प्रोजेक्ट पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।


