दिल्ली में सर्दियों के प्रदूषण से जंग की तैयारी तेज, जांच और निगरानी को उतारी जाएंगी 334 टीमें

नई दिल्ली, वार्ता
Follow us on Google News
share

दिल्ली सर्दियों के मौसम से पहले प्रदूषण के खिलाफ अपनी जंग और तेज करेगी। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि इसके लिए शहर के अलग-अलग इलाकों और वार्डों में 334 टीमें चौबीसों घंटे जांच करेंगी और प्रदूषण वाले 48 चिन्हित हॉटस्पॉट पर नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।

Delhi pollution
दिल्ली वायु प्रदूषण

केंद्र और दिल्ली सरकार ने सर्दियों में वायु प्रदूषण से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर के ऐक्शन प्लान की समीक्षा की। इस दौरान दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सब-डिवीजनल और वार्ड स्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी वाली बहुस्तरीय प्रवर्तन व्यवस्था की घोषणा की।

यादव ने सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए प्रस्तावित सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों और अन्य उपायों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। सिरसा के साथ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के पर्यावरण मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए।

एक साथ मिलकर काम करने पर जोर

बैठक में वायु प्रदूषण की क्षेत्रीय प्रकृति और दिल्ली तथा पड़ोसी राज्यों के बीच निरंतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया। विशेष रूप से सर्दियों के महीनों में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों से निपटने के लिए राज्यों और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वित कार्रवाई को आवश्यक बताया गया।

इसके बाद सिरसा ने पर्यावरण सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारियों तथा नगर निकायों और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सर्दियों में प्रदूषण से निपटने की दिल्ली की तैयारियों का जायजा लिया।

चौबीसों घंटे निगरानी करेंगी टीमें

नई प्रवर्तन व्यवस्था के तहत दिल्ली के 39 सब-डिवीजन में 78 स्पेशल टीमें तैनात की जाएंगी। प्रत्येक सब-डिवीजन में दो टीमें होंगी। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के सहायक पर्यावरण इंजीनियर और जूनियर पर्यावरण इंजीनियर लेवल के अधिकारी इन टीमों का नेतृत्व करेंगे। यह टीमें चौबीसों घंटे निरीक्षण करेंगे। इनकी जिम्मेदारियों में जैव ईंधन जलाने, निर्माण एवं तोड़फोड़ से उत्पन्न धूल, औद्योगिक उत्सर्जन, अनधिकृत ईंधन के इस्तेमाल तथा निर्माण एवं तोड़फोड़ के मलबे या कचरे के अवैध निस्तारण के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल होगा।

टीमें धूल पोर्टल के माध्यम से निर्माण एवं तोड़फोड़ परियोजनाओं की निगरानी करेंगे। साथ ही वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश संख्या 76 के तहत डीजल जनरेटर सेट से जुड़े नियमों के अनुपालन की जांच करेंगे, दिल्ली नगर निगम के विकेंद्रीकृत निर्माण एवं तोड़फोड़ अपशिष्ट द्वितीयक भंडारण केंद्रों का निरीक्षण करेंगे तथा कच्ची सड़कों और बड़े गड्ढों वाली सड़कों की पहचान करेंगे।

दिल्ली के हर वार्ड में लगाई जाएंगी टीमें

'ग्रीन दिल्ली' और '311' अनुप्रयोगों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की भी समय पर निस्तारण के लिए निगरानी की जाएगी। जमीनी स्तर पर राजधानी में 256 वार्ड-वार निगरानी टीमें तैनात की जाएंगी। इनमें 250 टीमें दिल्ली नगर निगम के वार्डों में, चार नई दिल्ली नगरपालिका परिषद क्षेत्र में और दो दिल्ली छावनी बोर्ड क्षेत्र में काम करेंगे।

यह टीमें स्थानीय प्रदूषण स्रोतों पर 24 घंटे निगरानी रखेंगे तथा कचरा या अन्य सामग्री जलाने, निर्माण से उत्पन्न धूल, अनधिकृत ईंधन के इस्तेमाल और अवैध कचरा निस्तारण के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

यह टीमें धूल पोर्टल से जुड़े नियमों के अनुपालन में भी सहयोग करेंगे, कचरा भंडारण केंद्रों का निरीक्षण करेंगे और प्रदूषण तथा सड़कों की स्थिति से संबंधित शिकायतों पर नजर रखेंगे।

सरकार ने कड़े प्रवर्तन के लिए 48 ऐसे प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों की भी पहचान की है, जहां औद्योगिक गतिविधियां निर्धारित उपयोग के अनुरूप नहीं हैं। इन क्षेत्रों में जिलाधिकारी विशेष अभियानों की सीधे निगरानी करेंगे। गैर-औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित अनधिकृत प्रदूषणकारी औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

लक्षित उद्योगों में धातु ढलाई, पाउडर कोटिंग, बफिंग एवं पॉलिशिंग, सुपर इनैमलिंग, प्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण, स्प्रे पेंटिंग, डेंटिंग एवं पेंटिंग तथा एनीलिंग या ताप उपचार से जुड़ी इकाइयां शामिल हैं। अनधिकृत ईंधन का इस्तेमाल करने वाली इकाइयों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

अभियान में जल प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। इनमें जींस की रंगाई और धुलाई, एनोडाइजिंग, पिकलिंग, इलेक्ट्रोप्लेटिंग और फॉस्फेटिंग जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

सिरसा ने कहा, "इस सर्दी में हमारा दृष्टिकोण सक्रिय, व्यापक और जमीनी स्तर पर कार्रवाई पर केंद्रित होगा। हमारी टीमें चौबीसों घंटे निगरानी रखेंगी, प्रदूषण के स्रोतों की जल्द से जल्द पहचान करेंगी और उल्लंघनों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।"

उन्होंने सभी विभागों और एजेंसियों को पूरे सर्दी के मौसम में कड़ी निगरानी बनाए रखने और नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, जिलाधिकारियों, नगर निकायों और अन्य विभागों के बीच निर्बाध समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News , Faridabad News और दिल्ली में आज का मौसम सहित पूरे NCR की खबरें पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करे और पाएं पल-पल की ताज़ा खबर
Hindi Newsएनसीआर Newsदिल्ली में सर्दियों के प्रदूषण से जंग की तैयारी तेज, जांच को उतरेंगी 334 टीमें