
पलूशन पर रेखा सरकार का बड़ा फैसला, एक्सपर्ट टीम बनाई; क्या होगा काम?
दिल्ली सरकार पलूशन पर काबू पाने के लिए ताबड़तोड़ फैसले ले रही है। दिल्ली सरकार ने एक एक्सपर्ट टीम बनाई है जो अलग-अलग वजहों से होने वाले प्रदूषण पर गौर करेगी। दिल्ली सरकार ने नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर सख्ती भी बढ़ा दी है।
दिल्ली सरकार ने पलूशन पर काबू पाने के लिए ताबड़तोड़ फैसले ले रही है। अब दिल्ली सरकार ने इस मसले पर एक एक्सपर्ट टीम बनाई है। यह एक्सपर्ट बॉडी दिल्ली सरकार को अलग-अलग वजहों से होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए सेक्टर स्पेसिफिक उपाय सुझाएगी। साथ ही नई तकनीक और जरूरी पॉलिसी सुधारों पर सलाह देगी। दिल्ली सरकार ने पलूशन बढ़ाने वालों और नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर सख्ती भी बढ़ा दी है। सरकार ने इस साल प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माण स्थलों पर 7 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है।
सेक्टर आधारित सुझाएगी उपाय
एक अधिकारी ने बताया कि यह एक्सपर्ट टीम आंकड़ों के आधार पर सरकार को गाइड करेगी। यह टीम अलग-अलग कारणों से होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार को सेक्टर-स्पेसिफिक उपायों के बारे में सुझाव देगी।
पलूशन से निपटने के लिए देगी तकनीकी सुझाव
यह टीम पलूशन से निपटने के लिए नई तकनीक को लेकर भी सुझाव देगी। साथ ही जरूरी पॉलिसी सुधारों के बारे में सरकार को राय देगी। टीम का मुख्य काम दिल्ली सरकार को प्रदूषण कम करने पर विज्ञान आधारित और ठोस कदम उठाने के लिए सलाह देना होगा।
उठाए गए कदमों की करेगी समीक्षा
टीम शॉर्ट-टर्म इमरजेंसी ऐक्शन के साथ ही लॉन्ग-टर्म स्ट्रक्चरल सुधार जैसे कदमों के बारे में भी बताएगी। यह टीम पलूशन को काबू करने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की निगरानी भी करेगी। साथ ही उठाए गए कदमों की समीक्षा भी करेगी।
दुनिया के बेस्ट तरीके सुझाएगी
पलूशन को काबू करने के लिए दुनिया भर के सबसे अच्छे तरीकों को पॉलिसी उपायों के तौर पर सुझाव देगी। एक्सपर्ट की यह टीम हर महीने कम से कम एक बार मिलेगी। यह फिजिकल या वर्चुअल मोड में मीटिंग करेगी।
DPCC पैनल को भी करेगी मदद
यह टीम DPCC पैनल को सेक्रेटेरियल और लॉजिस्टिकल सहायता प्रदान करेगी। फिलहाल यह टीम छह महीने के लिए बनाई गई है। सरकार जरूरत के अनुसार इसका कार्यकाल बढ़ाने और इसकी संरचना में बदलाव करने पर फैसला लेगी।
हाई लेवल सलाहकार पैनल के तरीके पर काम
एक्सपर्ट की यह टीम दिल्ली की हवा की क्वालिटी मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी पर भी मार्गदर्शन करेगी। साथ ही निवारक कदमों के लिए एक हाई-लेवल सलाहकार पैनल के तौर पर काम करेगी।
लीना नंदन होंगी चेयरमैन
दिल्ली सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, रिटायर्ड IAS अधिकारी और पूर्व केंद्रीय पर्यावरण सचिव लीना नंदन को इस एक्सपर्ट ग्रुप का अध्यक्ष बनाया गया है।
गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश
सभी सदस्यों को आंतरिक चर्चाओं के साथ ही सरकारी दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखने का भी निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस टीम के गठन को मंजूरी दे दी है।
टीम के सदस्य
अन्य सदस्यों में पूर्व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. जेएस काम्योत्रा, IIT दिल्ली के प्रोफेसर एमेरिटस मुकेश खरे, IIT कानपुर के प्रोफेसर एमेरिटस मुकेश शर्मा, TERI के सर्कुलर इकोनॉमी और वेस्ट मैनेजमेंट के निदेशक डॉ. सुनील पांडे शामिल हैं। टीम में कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM), भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), APAG और PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
नियमों के उल्लंघन पर 7 करोड़ से अधिक का जुर्माना
दिल्ली सरकार के सचिव (पर्यावरण और वन) भी टीम के सदस्य होंगे। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के अध्यक्ष सदस्य सचिव के तौर पर काम करेंगे। इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि सरकार ने इस साल पलूशन नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माण स्थलों पर 7 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। इस साल अब तक 1,750 स्थलों का निरीक्षण किया गया है। कुल 556 नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही 48 इकाइयों को बंद करने का आदेश दिया गया है।





