काम की बात: दिल्ली में ऊंचे मकानों पर ‘बड़ी सख्ती’ की तैयारी, 17.5 मीटर इमारतों को लेनी पड़ सकती है फायर NOC

Praveen Sharma हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली में हाल ही में हुए दर्दनाक अग्निकांडों के बाद रेखा गुप्ता सरकार अब रिहायशी इमारतों के लिए सुरक्षा नियमों को और सख्त करने जा रही है। अब कम ऊंचाई वाली इमारतों के लिए भी 'फायर एनओसी' (Fire NOC) अनिवार्य की जा सकती है।

दिल्ली में ऊंचे मकानों पर ‘बड़ी सख्ती’ की तैयारी, 17.5 मीटर इमारतों को लेनी पड़ सकती है फायर NOC

राजधानी दिल्ली में आग की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार अब ‘फायर मास्टर प्लान’ के तहत बड़ा कदम उठा सकती है। जल्द 17.5 मीटर तक की ऊंची इमारतों के लिए फायर एनओसी लेना अनिवार्य हो सकता है। यदि यह फैसला लागू होता है तो दिल्ली की लगभग 95 फीसदी रिहायशी इमारतें दमकल विभाग की जांच के दायरे में आ जाएंगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य घरों में बिजली के लोड, वायरिंग और सुरक्षित निकास द्वारों की पड़ताल कर जान-माल के नुकसान को कम करना है।

हादसों में जा रही जान : बीते दिनों में कई जगह रिहायशी इलाकों में आग लगी है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई। दरअसल, आधुनिक घरों में फाइबर, फॉल्स सीलिंग और लकड़ी का काम ज्यादा होता है, जो आग को तेजी से फैलाता है। पुरानी कॉलोनियों में सीढ़ियां इतनी तंग हैं कि आग लगने पर बाहर निकलना असंभव हो जाता है।

दमकल विभाग के सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में अभी स्टिल्ट पार्किंग के साथ 17.5 मीटर ऊंची इमारत और बिना स्टिल्ट पार्किंग वाली 15 मीटर ऊंची इमारतों को फायर एनओसी की आवश्यकता नहीं है। इसके चलते लोग छोटी-छोटी बिल्डिंग में घर बना रहे है और उसका इंटीरियर (फाइबर, लकड़ी, पर्दे) करवा रहे हैं। इसलिए सरकार द्वारा इसकी समीक्षा की जा रही है।

पालम में मार्च 2026 को एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई। यह एक बहुमंजिला इमारत थी जिसके निचले हिस्से (ग्राउंड फ्लोर) में एक परफ्यूम और जनरल स्टोर की दुकान थी और ऊपर की मंजिलों पर परिवार रहता था।

अभी मिलती है छूट

दमकल विभाग के सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में अभी स्टिल्ट पार्किंग के साथ 17.5 मीटर ऊंची इमारत और बिना स्टिल्ट पार्किंग वाली 15 मीटर ऊंची इमारतों को फायर एनओसी की आवश्यकता नहीं है। इसके चलते लोग छोटी-छोटी बिल्डिंग घर बना रहे है और उसका इंटीरियर (फाइबर, लकड़ी, पर्दे) करवा रहे हैं। इसलिए सरकार द्वारा इसकी समीक्षा की जा रही है।

इस वर्ष के दो बड़े हादसे

1. विवेक विहार में 3 मई को एक चार मंजिला आवासीय इमारत में भीषण आग लगी। इसमें 9 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक छोटा बच्चा भी शामिल था।

2. पालम में मार्च 2026 को एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई। यह एक बहुमंजिला इमारत थी जिसके निचले हिस्से (ग्राउंड फ्लोर) में एक परफ्यूम और जनरल स्टोर की दुकान थी और ऊपर की मंजिलों पर परिवार रहता था।

आशीष सूद, दिल्ली के गृहमंत्री, ''लगातार हो रही आग की घटनाओं के मद्देनजर 17.5 मीटर तक ऊंची इमारतों को भी फायर एनओसी के दायरे में लाने पर विचार हो रहा है। न्यूनतम जरूरतों (बिजली लोड सही हो, वायरिंग और इमारत में प्रवेश निकास का रास्ता ठीक हो) को पूरा करने पर फायर एनओसी मिल जाएगी।''

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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