Hindi Newsएनसीआर Newsdelhi govt can take action on vehicles below bs 4 in ncr region supreme court ordered
BS-4 से नीचे के वाहनों पर ऐक्शन ले सकती है दिल्ली सरकार, सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी

BS-4 से नीचे के वाहनों पर ऐक्शन ले सकती है दिल्ली सरकार, सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी

संक्षेप:

दिल्ली सरकार बीएस-4 (BS IV) मानकों से कम के वाहनों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने इसकी मंजूरी दे दी है। सर्वोच्च अदालत के इस आदेश का मकसद पर्यावरण की सुरक्षा और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लगाम लगाना है।

Dec 17, 2025 07:40 pm ISTKrishna Bihari Singh वार्ता, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को एनसीआर क्षेत्र में बीएस-4 (BS IV) मानकों से कम मानक वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की इजाजत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश के साथ बुधवार को साफ कर दिया कि दिल्ली की सड़कों पर अब केवल बीएस-4 मानक या उससे ऊपर की श्रेणी के वाहन ही दौड़ सकेंगे। सर्वोच्च अदालत के इस आदेश का मकसद पर्यावरण की सुरक्षा और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लगाम लगाना है ताकि दिल्ली एनसीआर में हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सके।

सर्वोच्च न्यायालय के इस नए आदेश के बाद अब अधिकारी उन पुराने वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर पाएंगे जो बीएस-4 मानकों को पूरा नहीं करते हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश उसके 12 अगस्त के उस पिछले आदेश में संशोधन करता है जिसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ओवरएज वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने पर रोक लगा दी गई थी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पांचोली की पीठ ने दिल्ली सरकार की उस याचिका पर यह स्पष्टीकरण जारी किया जिसमें शहर में बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए पुराने वाहनों पर कार्रवाई की अनुमति मांगी गई थी।

दिल्ली सरकार की ओर से पेश अपर सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने सर्वोच्च न्यायालय से गुहार लगाई कि 12 अगस्त के आदेश में संशोधन किया जाए ताकि बीएस-3 तक के उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

अपर सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने दलील दी कि पुराने वाहनों के उत्सर्जन मानक बहुत खराब हैं। ऐसे वाहन पलूशन बढ़ा रहे हैं। वायु प्रदूषण मामले में न्याय मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने भी इस दलील का समर्थन किया।

पीठ ने दलीलों को दर्ज करते हुए निर्देश दिया कि 12 अगस्त के आदेश को उस सीमा तक संशोधित किया जाता है कि उन वाहन मालिकों के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाएगा जो बीएस-4 और उससे नए हैं, भले ही वे डीजल इंजन के मामले में दस साल और पेट्रोल इंजन के मामले में पंद्रह साल की एज लीमिट पार कर चुके हों।

उल्लेखनीय है कि 2015 में एनजीटी ने पलूशन पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के चलने पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। इसे 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था। सर्वोच्च अदालत ने 12 अगस्त को इस मामले में एक नया आदेश पारित किया था। इसमें कहा गया था कि दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के मालिकों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

और पढ़ें
;;;