दिल्ली हेल्थ सर्विसेज के पूर्व डायरेक्टर गिरफ्तार, करोड़ों के घोटाले में ACB का ऐक्शन
दवाओं और अन्य मेडिकल सामानों के खरीद में करोड़ों रुपए के घोटाले मामले में एसीबी ने कड़ा ऐक्शन लिया है। एसीबी ने इस मामले में हेल्थ सर्विसेज के पूर्व डायरेक्टर जनरल को गिरफ्तार किया है। इसी मामले में डॉ. विजय कुमार रंगा को कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया गया था।

दिल्ली सरकार की एंटी-करप्शन ब्रांच ने हेल्थ सर्विसेज के पूर्व डायरेक्टर जनरल को दवाओं, सर्जिकल सामान और मेडिकल इक्विपमेंट की खरीद में कथित तौर पर करोड़ों रुपए के घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। डॉ. वत्सला अग्रवाल की शनिवार को हुई यह गिरफ्तारी एंटी-करप्शन ब्रांच द्वारा इसी मामले में डॉ. विजय कुमार रंगा को पकड़े जाने के कुछ दिनों बाद हुई है। दिल्ली की एक अदालत ने रंगा को चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
एसीबी के मुताबिक, यह मामला डीजीएचएस के तहत काम करने वाली सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) द्वारा कई सौ करोड़ रुपए की खरीद में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हुई वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। विजिलेंस डायरेक्टोरेट द्वारा संदिग्ध लेन-देन और प्रक्रिया से जुड़े संभावित उल्लंघनों की ओर इशारा किए जाने के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी।
जांच करने वालों का आरोप है कि पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, बेड शीट और लिनन, C-आर्म रेडियोलॉजिकल उपकरण, एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस), सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले सामान और दवाओं की खरीद में टेंडर प्रक्रियाओं में हेरफेर के जरिए बहुत ज्यादा बढ़ी हुई कीमतों पर की गई थी।
एसीबी का आरोप है कि कुछ खास सप्लायर को फायदा पहुंचाने के लिए खास तरह की शर्तें तय की गईं और असली बोली लगाने वालों को प्रक्रिया से बाहर रखा गया। इस वजह से सैकड़ों करोड़ रुपए के सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल हुआ।
शिकायत के आधार पर एजेंसी ने 2 जून को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं और भारतीय न्याय संहिता की आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। अधिकारियों ने बताया कि जांच के हिस्से के तौर पर खरीद के रिकॉर्ड, टेंडर फाइल और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
अग्रवाल को 21 मई को डीजीएचएस के पद से हटा दिया गया था और गुरु तेग बहादुर अस्पताल में ट्रांसफर किए जाने से पहले उन्हें पोस्टिंग का इंतजार करने वाली स्थिति में रखा गया था। बाद में, अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।
दिल्ली सरकार ने पांच फार्मासिस्ट और दो सीपीए अधिकारियों को भी सस्पेंड कर दिया है। खबरों के मुताबिक, एक आंतरिक जांच में अलग-अलग एजेंसी स्टोर पर दवाओं की खरीद, स्टोरेज और मैनेजमेंट में गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं। एसीबी ने कहा है कि इस कथित घोटाले में दूसरे अधिकारियों और प्राइवेट सप्लायर की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।
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Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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