
लोगों से चंदा लेकर यमुना को स्वच्छ बनाएगी दिल्ली सरकार, DJB का क्या पूरा प्लान
दिल्ली सरकार लोगों से चंदा लेकर दिल्ली-एनसीआर में यमुना को स्वच्छ बनाने की दिशा में कार्य करेगी। इसके लिए जल बोर्ड द्वारा यमुना जीर्णोद्धार कोष बनाया जा रहा है। जल बोर्ड के सीईओ की तरफ से इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।
दिल्ली सरकार लोगों से चंदा लेकर दिल्ली-एनसीआर में यमुना को स्वच्छ बनाने की दिशा में कार्य करेगी। इसके लिए जल बोर्ड द्वारा यमुना जीर्णोद्धार कोष बनाया जा रहा है। जल बोर्ड के सीईओ की तरफ से इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। शहरी विकास विभाग की तरफ से इस प्रस्ताव को जल्द सरकार के समक्ष रखा जाएगा। सरकार से मंजूरी मिलने पर यह सोसाइटी रजिस्ट्रेशन होगी। इसमें सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉंसिबिलिटी) फंड एवं लोगों से चंदा लेकर यमुना के जीर्णोद्धार में इसका इस्तेमाल किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली जल बोर्ड 1998 एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत वह सीधे किसी से चंदा ले सके। अधिकारियों की बैठक में यह तय किया गया कि वह सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन कर यमुना साफ करने के लिए चंदा ले सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि इस कोष में आने वाली राशि से सीवेज व्यवस्था में सुधार, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, तालाब बनाना और यमुना जीर्णोद्धार के लिए लोगों को जागरूक करना आदि काम किया जाएगा। इस राशि से बारापुला, शाहदरा, गाजीपुर और नजफगढ़ नाले के पानी को यमुना में जाने से पहले शोधित किया जा सकेगा। यमुना किनारे बॉयो डायवर्सिटी पार्क, हरित क्षेत्र बनाने एवं सीवेज शोधित संयंत्र की क्षमता को 1000 एमजीडी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। सोसायटी के नाम पर एक बैंक खाता खोला जाएगा, ताकि इसमें आने वाली प्रत्येक राशि को सोसायटी के उद्देश्य पर पारदर्शिता से खर्च किया जा सके। यह सोसायटी नो प्रॉफिट नो लॉस के सिद्धांत पर काम करेगी।
जल बोर्ड मुख्यालय में होगा दफ्तर : सूत्रों ने बताया कि इस कोष का नाम दिल्ली यमुना नदी जीर्णोद्धार सोसाइटी रखा जाएगा। फिलहाल झंडेवालान स्थित दिल्ली जल बोर्ड मुख्यालय के एक कमरे में इसका दफ्तर होगा। इसमें एक गवर्निंग बॉडी बनाई जाएगी जो यमुना की स्वच्छता को लेकर किए जाने वाले कार्यों को मंजूरी देगी।
दो माह में होगा गठित
सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अगले दो माह के भीतर यमुना जीर्णोद्धार कोष को गठित करने की लक्ष्य रखा गया है। जल बोर्ड द्वारा और दिल्ली सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। यह कार्य पूरा होने के बाद ही इस कोष में सीएसआर फंड एवं लोगों और संस्थाओं से मिलने वाले चंदे लिए जाएंगे।
बैठक के बाद यमुना को बचाने के लिए छह राज्यों का संयुक्त प्लान तैयार
नोएडा। नोएडा सेक्टर-62 स्थित यमुना भवन में गुरुवार को अपर यमुना रिव्यू कमेटी (यूवाईआरसी) की नौंवीं बैठक हुई। छह राज्यों की बैठक में तय किया गया कि यमुना को स्वच्छ रखने के लिए नाले का पानी शोधित किए बिना नहीं डाला जाएगा। इस पानी को साफ करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाए जाएंगे। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने की। बैठक में निर्णय लिया गया कि हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान को पानी भेजा जाएगा। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि यमुना को अतिक्रमण मुक्त भी बनाना है। इसके लिए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।





