
AI को लेकर दिल्ली सरकार का क्या प्लान? छात्रों से शिक्षकों तक सबको होगा फायदा
दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग ने रविवार को दिल्ली एआई ग्राइंड कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमता-प्रधान भविष्य के लिए तैयार करना है। इससे दिल्ली की युवा पीढ़ी में व्यापक एआई क्षमता का निर्माण होगा।
दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग ने रविवार को दिल्ली एआई ग्राइंड कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमता-प्रधान भविष्य के लिए तैयार करना है। इस पहल के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं इनोवेशन मूवमेंट का यह अभियान एक हजार से ज्यादा स्कूलों, कॉलेजों, आईटीआई और विश्वविद्यालयों के माध्यम से पांच लाख से अधिक शिक्षार्थियों तक पहुंचेगा। इससे दिल्ली की युवा पीढ़ी में व्यापक एआई क्षमता का निर्माण होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने जब निर्णय लिया कि भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिशा में निर्णायक कदम उठाना चाहिए तो दिल्ली ने सबसे पहले आगे बढ़ने का निश्चय किया।
50 एआई यूथ एंबेसडर चुने जाएंगे : शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि अगले चार महीनों में दिल्ली एआई ग्राइंड के अंतर्गत 5,000 शिक्षकों को प्रमाणित एआई मेंटर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। 1000 छात्र नेतृत्व प्रोटोटाइप विकसित किए जाएंगे साथ ही 50 एआई यूथ एंबेसडर चुने जाएंगे।
इस अवसर पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (इसरो अंतरिक्ष यात्री) ने कहा कि यही वे क्षेत्र हैं जिन्हें हमें प्राथमिकता देनी चाहिए और ऐसे प्रयास हमें विकसित भारत 2047 के सपने के करीब ले जाएंगे।
बिल ब्रायसन की किताब में छात्र ने गलती सुधारी
नई दिल्ली। राजधानी के स्कूली छात्र को बेस्टसेलिंग अमेरिकन-ब्रिटिश लेखक बिल ब्रायसन ने अपनी किताब में पहचान दी है। यह मशहूर साइंस किताब ए शॉर्ट हिस्ट्री ऑफ नियरली एवरीथिंग 2.0 के नए संस्करण में है। इसमें एक ऐसी गलती बताई थी जो 20 साल से ज्यादा समय से पता नहीं चली थी। ब्रायसन ने एयर फोर्स बाल भारती स्कूल के कक्षा 11वीं के छात्र कनिष्क शर्मा को एक एटिमोलॉजिकल गलती को ठीक करने के लिए धन्यवाद दिया।





