
दिल्ली सरकार ने DU के इन 12 कॉलेजों को जारी किया 108 करोड़ का ग्रांट, जानिए कहां होगा खर्च?
संक्षेप: बयान में कहा गया है, इसके साथ ही, दिल्ली सरकार ने इन 12 पूरी तरह से फंडेड कॉलेजों के लिए 2025-26 के दौरान तीन किश्तों में अब तक कुल 325 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
दिल्ली सरकार ने बुधवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी से जुड़े 12 कॉलेजों के लिए ग्रांट की तीसरी किस्त के तौर पर 108 करोड़ रुपये जारी किए। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद के ऑफिस से जारी एक बयान के मुताबिक, इस फंड का इस्तेमाल 2025-26 में टीचरों की सैलरी, बिल्डिंग के रखरखाव और दूसरे जरूरी खर्चों के लिए किया जाएगा।

बयान में कहा गया है कि इन कॉलेजों में तुरंत होने वाले खर्चों के लिए 24 करोड़ रुपये की अतिरिक्त रकम अलग से जारी की गई है। सूद ने कहा कि 108 करोड़ रुपये जारी करना सरकार के इस वादे को दिखाता है कि "किसी भी टीचर या स्टूडेंट को रिसोर्स की कमी का सामना न करना पड़े"। बयान में कहा गया है, "इसके साथ ही, दिल्ली सरकार ने इन 12 पूरी तरह से फंडेड कॉलेजों के लिए 2025-26 के दौरान तीन किश्तों में अब तक कुल 325 करोड़ रुपये जारी किए हैं।"
ये कॉलेज हैं- आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज, अदिति महाविद्यालय, भीम राव अंबेडकर कॉलेज, भास्कराचार्य कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज, भगिनी निवेदिता कॉलेज, दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज, इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन, केशव महाविद्यालय, महाराजा अग्रसेन कॉलेज, महर्षि वाल्मीकि कॉलेज ऑफ एजुकेशन, शहीद राजगुरु कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज, और शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज।
सूद ने कहा कि यह ग्रांट, जो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से टीचरों और छात्रों के लिए "दिवाली का तोहफा" है, इन संस्थानों की फाइनेंशियल और एकेडमिक स्थिरता में मदद करेगा। मंत्री ने आगे कहा, पिछली सरकारें या तो ग्रांट जारी करने में नाकाम रहीं या उनमें देरी की, जिससे स्टाफ और छात्र दोनों पर असर पड़ा।
सूद ने कहा, "जैसे ही हमारी सरकार सत्ता में आई, हमने एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन की फाइनेंशियल और इंफ्रास्ट्रक्चरल ज़रूरतों का अंदाज़ा लगाया। अगर इंस्टीट्यूशन फाइनेंशियली मजबूत नहीं हैं, तो वे काबिल स्टूडेंट नहीं बना सकते।"





