
9-14 साल तक की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने को लगेंगे HPV के टीके, दिल्ली सरकार की पहल
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए लड़कियों को एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमा वायरस) का टीका देने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी क्रम में केंद्र ने दिल्ली सरकार के परिवार कल्याण निदेशालय को टीके की कुछ डोज भी उपलब्ध करा दी है। ऐसे में जल्द टीकाकरण शुरू होने की उम्मीद है।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए लड़कियों को एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमा वायरस) का टीका देने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी क्रम में केंद्र ने दिल्ली सरकार के परिवार कल्याण निदेशालय को टीके की कुछ डोज भी उपलब्ध करा दी है। ऐसे में जल्द टीकाकरण शुरू होने की उम्मीद है।
टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग के 16 अधिकारियों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अगले 10-12 दिनों में नियमित टीकाकरण अभियान से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि टीकाकरण अभियान शुरू हो सके।
डॉक्टर बताते हैं कि देश में हर वर्ष करीब सवा लाख महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित होती हैं। इस वजह से करीब 77 हजार महिलाओं की मौत हो जाती है। स्क्रीनिंग से इस बीमारी का शुरुआती स्टेज में पता लगाकर बेहतर इलाज संभव है, लेकिन जागरूकता के अभाव में इस बीमारी से पीड़ित ज्यादातर महिलाएं एडवांस स्टेज में इलाज के लिए पहुंचती हैं। सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण एचपीवी का संक्रमण है। इसका टीका उपलब्ध है। ऐसे में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए टीकाकरण को बेहतर विकल्प माना जा रहा है।
गावी ने उपलब्ध कराई है एक करोड़ डोज : ग्लोबल एलायंस फॉर वैक्सीनेशन एंड इम्युनाइजेशन (गावी) ने विदेश में विकसित गार्डासिल टीके की एक करोड़ डोज भारत को उपलब्ध कराई हैं। अध्ययन में पाया गया है कि इस टीके की एक डोज ही सर्वाइकल कैंसर से बचाव में काफी हद तक कारगर है। मौजूदा अभियान के तहत 14 वर्ष तक की लड़कियों को इस टीके की एक डोज दी जाएगी। डब्ल्यूएचओ ने सर्वाइकल कैंसर को वर्ष 2030 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा है।
राजधानी में 1.60 लाख लड़कियों को टीका लगेगा
दिल्ली में 14 वर्ष की करीब 1.60 लाख लड़कियां हैं। इन्हें गार्डासिल टीके की एक डोज दी जाएगी। दिल्ली को इस टीके की कुछ डोज मिल गई हैं। 75 हजार डोज अगले दो-तीन दिनों में उपलब्ध हो जाएंगी। डिस्पेंसरियों और अस्पतालों में 9-14 वर्ष तक की लड़कियों को यह टीका दिया जाएगा।





