घर के अंदर मिली पिता और 13 साल के बेटे की लाश, दिल्ली में दिल दहला देने वाली वारदात
शनिवार सुबह घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घर के अंदर पुलिस ने पिता का शव फंसे लटका पाया जबकि 13 साल का बेटा पास में ही बेड पर मृत पड़ा था।

दिल्ली के ज्योतिनगर इलाके में स्थित एक घर में 54 साल का शख्स फंदे से लटका हुआ पाया गया। उसी घर में उसके 13 साल के बेटे का शव भी बरामद किया गया है। शख्स की पहचान प्रवीण शर्मा के तौर पर हुई है। पुलिस को शक है कि शख्स ने आत्महत्या की है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छज्जुपुर इलाके में स्थित घर से दोनों शव बरामद किए। घटना शनिवार सुबह की बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 54 साल का प्रवीण शर्मा अपने घर में फंसे दे से लटका हुआ पाया गया है। उसी के पास बेट पर 13 साल के लड़के का शव मिला जो उसका बेटा बताया जा रहा है।
इसके बाद फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर सबूत इकट्ठा किए गए और जांच शुरू की गई। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा कि हम मौत का कारण पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं और आगे की जांच भी जारी है।
दिल्ली में अवैध संबंधों और प्रेम प्रसंग में सबसे ज्यादा हत्या
पिछले महीनेराष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के नए आंकड़े सामने आए थे जिसके मुताबिक महानगरों की तुलना में दिल्ली में सबसे ज्यादा हत्याएं अवैध संबंधों और प्रेम प्रसंगों के कारण हुई हैं। शहर में 'प्रेम प्रसंगों' के कारण 11 हत्याएं और 'अवैध संबंधों' के कारण 30 हत्याएं दर्ज की गईं।
एनसीआरबी की 2024 की रिपोर्ट से पता चला है कि 20 लाख से अधिक आबादी वाले 19 महानगरों में बेंगलुरु दिल्ली के बाद दूसरे स्थान पर है, जहां प्रेम प्रसंगों से जुड़ी 11 हत्याएं और अवैध संबंधों से संबंधित 19 हत्याएं दर्ज की गईं। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में इन दोनों कैटेगरी के तहत कम हत्याएं दर्ज की गईं।
दिल्ली में, हत्या के ज्यादातर मामलों में परिवार, संपत्ति और धन से जुड़े विवाद मुख्य कारण थे। 'विवाद' के चलते कुल 313 हत्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से 228 'मामूली कारणों' से हुईं। इसके बाद 'धन' से जुड़े विवादों के कारण 40 और 'संपत्ति' से जुड़े विवादों के कारण हत्या के 30 मामले दर्ज किए गए। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली विभिन्न श्रेणियों में हत्याओं के मामलों में भी टॉप पर रही जिनमें 'विवाद' और 'डकैती' जैसे मकसद शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में दिल्ली में डकैतों द्वारा 87 लोगों की हत्या की गई। नागपुर में पैसों के विवाद से जुड़ी 16 हत्याएं हुईं जो महानगरों में दूसरी सबसे अधिक संख्या है।
भाषा से इनपुट
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Aditi Sharmaअदिति शर्मा
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