
दिल्लीवालों के लिए गुड न्यूज! अब EV चार्जिंग की टेंशन होगी खत्म, 2026 के लिए प्लान तैयार
दिल्ली सरकार ने 2026 तक 16,070 पब्लिक चार्जिंग प्वाइंट्स का लक्ष्य रखा है, जिसमें एक साल के भीतर 7,000 नए प्वाइंट्स जोड़े जाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली का ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर नोएडा और गुड़गांव के मुकाबले काफी आगे है।
अगर आप दिल्ली में रहते हैं और इलेक्ट्रिक गाड़ी (EV) खरीदने से सिर्फ इसलिए डर रहे हैं कि 'चार्जिंग कहां करेंगे', तो यह खबर आपकी चिंता दूर कर देगी। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 2026 का बड़ा रोडमैप तैयार कर लिया है।
एक साल में लगेंगे 7,000 नए चार्जिंग प्वाइंट
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में साल 2026 के अंत तक करीब 7,000 नए पब्लिक चार्जिंग प्वाइंट लगाने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल दिल्ली में 8,998 पब्लिक चार्जिंग प्वाइंट मौजूद हैं, लेकिन सरकार का इरादा इसे बढ़ाकर 16,070 तक ले जाने का है।
अभी भी है 75% की भारी कमी
भले ही दिल्ली तैयारी कर रही हो, लेकिन हकीकत यह है कि अभी भी मांग के मुकाबले सप्लाई बहुत कम है। रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली को 36,177 चार्जिंग प्वाइंट्स की जरूरत है। फिलहाल करीब 75.2%, लगभग 27,179 प्वाइंट्स की कमी है। अच्छी खबर यह है कि मेट्रो स्टेशनों पर 66 और आनंद विहार व न्यू अशोक नगर जैसे RRTS स्टेशनों पर 6-6 नए प्वाइंट्स लगाने का प्रस्ताव है।

पड़ोसी फेल, दिल्ली पास
नोएडा-गुड़गांव का हाल बेहाल NCR के बाकी शहरों के मुकाबले दिल्ली किंग बनकर उभरी है। रिपोर्ट के मुताबिक, गुड़गांव और फरीदाबाद में सरकारी जमीन पर अभी जीरो पब्लिक चार्जिंग प्वाइंट हैं। नोएडा में सिर्फ 69 प्वाइंट्स हैं, जबकि जरूरत 150 की है। वहीं गाजियाबाद में126 प्वाइंट्स हैं, लेकिन जरूरत 450 की है।
'बैटरी स्वैपिंग' पर भी बड़ा जोर
अगर आपके पास ऐसी गाड़ी है जिसकी बैटरी बदली जा सकती है, तो आपके लिए भी खुशखबरी है। दिल्ली में अभी 948 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन हैं, जिन्हें 2026 के अंत तक बढ़ाकर 1,268 करने का लक्ष्य है।
एक्सपर्ट की चेतावनी
इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) के अमित भट्ट ने एक जरूरी बात कही है। उनका कहना है कि 80-90% चार्जिंग घर या ऑफिस में होती है, पब्लिक स्टेशनों पर नहीं। दिक्कत यह है कि कई हाउसिंग सोसाइटियां लोगों को चार्जर लगाने की इजाजत नहीं देतीं। इसलिए भारत को नॉर्वे की तरह चार्ज करने का कानूनी अधिकार लाना होगा, ताकि लोग अपनी पार्किंग में बिना रोक-टोक चार्जर लगा सकें।





