दिल्ली में एनकाउंटर, पुलिस ने गोली मारकर कुख्यात अपराधी को पकड़ा; चोरी-डकैती समेत 17 मामले दर्ज
दिल्ली में मंगलवार देर रात हुई एनकाउंटर के बाद पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार कर लिया। उस पर 17 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि जब पुलिस टीम ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा तो उसने गोली चला दी और भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने भी जवाबी फायर की। इस दौरान एक गोली आरोपी के दाहिने पैर में लगी।

दिल्ली पुलिस को मंगलवार देर रात बड़ी कामयाबी हाथ लगी। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड टीम और एक कुख्यात अपराधी के बीच रविवार देर रात मुठभेड़ हुई। इस दौरान पुलिस ने आरोपी के पैर में गोली मारकर उसे पकड़ लिया। यह घटना मूलचंद मेट्रो स्टेशन के पास लेडी श्रीराम कॉलेज के पीछे वाली गली में हुई।
पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़े गए बदमा की पहचान सोनू के तौर पर हुई है, जो गोविंदपुरी थाने का घोषित कुख्यात अपराधी है। रुकने का इशारा करने पर उसने पुलिस टीम पर गोली चलाई और भागने की कोशिश की। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उस पर चोरी और डकैती समेत 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, एएटीएस टीम को खबर मिली थी कि सोनू मूलचंद मेट्रो स्टेशन इलाके में आने वाला है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए लेडी श्रीराम कॉलेज के पीछे वाली गली के पास जाल बिछाया। पुलिस ने बताया कि सोनू मोटरसाइकिल से मौके पर पहुंचा। जब पुलिस टीम ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा तो उसने कथित तौर पर उन पर गोली चला दी और भागने की कोशिश की।
इसके बाद पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी के दौरान कॉन्स्टेबल अक्षय ने दो राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से एक आरोपी के दाहिने पैर में लगी। गोली लगने के बाद आरोपी को काबू में करके उसे हिरासत में ले लिया गया और इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सोनू पर चोरी और डकैती समेत 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि उसे गोविंदपुरी थाने का कुख्यात अपराधी घोषित किया गया है। इस मामले में आगे की जांच चल रही है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


