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दिल्ली में बना नया रिकॉर्ड, 93% परिवारों को मिला फायदा, 46 लाख घरों के बिजली बिल हुए जीरो

दिल्ली में बना नया रिकॉर्ड, 93% परिवारों को मिला फायदा, 46 लाख घरों के बिजली बिल हुए जीरो

संक्षेप:

दिल्ली में दिसंबर 2025 के दौरान 93 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं ने बिजली सब्सिडी का लाभ उठाया, जिनमें से 73 प्रतिशत के बिल शून्य रहे। योजना की बढ़ती लोकप्रियता से इस वर्ष खर्च 4000 करोड़ पार करने का अनुमान है।

Jan 06, 2026 12:27 pm ISTAnubhav Shakya लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली में बिजली सब्सिडी योजना ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। दिसंबर 2025 में 93 प्रतिशत से ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं ने सब्सिडी का लाभ उठाया। इनमें से 73 प्रतिशत परिवारों का बिजली बिल पूरी तरह जीरो रहा। सर्दियों में बिजली खपत कम होने की वजह से योजना की पहुंच सबसे ज्यादा रही।

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2019 से मिल रही फ्री बिजली

2019 में शुरू हुई इस योजना में 200 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले घरों को पूरी तरह मुफ्त बिजली मिलती है। 201 से 400 यूनिट तक खपत करने वालों को 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। इससे ज्यादा खपत करने वाले उपभोक्ता पूरा टैरिफ चुकाते हैं।

तीन साल में लगातार बढ़ी डिमांड

टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में घरेलू बिजली कनेक्शन बढ़कर 63 लाख हो गए हैं। सब्सिडी लेने वालों की संख्या भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है। 2023 में औसतन 75-76 प्रतिशत उपभोक्ताओं को लाभ मिला। 2024 में यह आंकड़ा 78-79 प्रतिशत रहा। वहीं 2025 में 79-80 प्रतिशत घरों को कभी न कभी सब्सिडी मिली। 200 यूनिट तक खपत करने वाले परिवारों की औसत संख्या 2025 में 31-32 लाख रही, जो पिछले सालों से ज्यादा है। ये उपभोक्ता योजना का मुख्य आधार बने हुए हैं।

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मौसम का असर साफ दिखा

सब्सिडी की पहुंच मौसम पर काफी निर्भर करती है। दिसंबर जैसे ठंडे महीनों में लाभार्थी 58 लाख के पार पहुंच गए और कवरेज 93 प्रतिशत रहा। गर्मियों में एसी के इस्तेमाल से खपत बढ़ने पर लाभार्थी कम हो जाते हैं। फिर भी 2025 की गर्मियों में पिछले दो सालों की तुलना में ज्यादा परिवारों (लगभग 42.5 लाख) को सब्सिडी मिली। यह बचत के प्रति जागरूकता या स्मार्ट इस्तेमाल का संकेत है।

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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 200 यूनिट तक खपत करने वाले परिवार योजना की रीढ़ हैं। इससे बेसिक खपत स्थिर रहने का पता चलता है। दूसरे अधिकारी ने कहा कि 2025 में लाभार्थियों की संख्या में स्थिरता सबसे बड़ी खासियत रही।

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सब्सिडी पर बढ़ता खर्च

योजना की बढ़ती लोकप्रियता की वजह से खर्च भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है। 2025-26 में सब्सिडी पर 4000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है। इस साल बजट में 3849 करोड़ रुपये रखे गए थे, लेकिन अतिरिक्त 361 करोड़ रुपये की मांग की गई है। यह पिछले साल से 250 करोड़ रुपये ज्यादा है।

Anubhav Shakya

लेखक के बारे में

Anubhav Shakya
भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद जी न्यूज से करियर की शुरुआत की। इसके बाद नवभारत टाइम्स में काम किया। फिलहाल लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। किताबों की दुनिया में खोए रहने में मजा आता है। जनसरोकार, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में गहरी दिलचस्पी है। एनालिसिस और रिसर्च बेस्ड स्टोरी खूबी है। और पढ़ें
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