ऐसी उम्मीद न थी, आपने; आशीष सूद ने किस मसले पर लिखा केजरीवाल को पत्र, एक अपील भी
आशीष सूद ने लिखा कि राजनीति का यह तरीका बेवजह की उथल-पुथल पैदा करता है, जनता के भरोसे को कम करता है और शासन में बाधा डालता है। शिक्षा मंत्री के रूप में मैं बच्चों के कल्याण या स्कूलों के कामकाज में इस तरह की हरकतों को दखल देने की अनुमति नहीं दे सकता और न ही दूंगा।

दिल्ली में सरकारी स्कूल के शिक्षकों की आवारा कुत्ते गिनने में ड्यूटी लगाने वाला मामले ने बीते हफ्ते खूब तूल पकड़ा था। दिल्ली सरकार ने इसपर सफाई देते हुए बताया था कि ऐसा कोई आदेश शिक्षकों को जारी ही नहीं हुआ तो वहीं आम आदमी पार्टी इसपर हमलावर रही। अब दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है। आशीष सूद ने आप की ओर से भ्रामक या झूठी खबर फैलाने और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने पर नाराजगी व्यक्त की है। सूद ने केजरीवाल से इसे आम आदमी पार्टी की ओर से जानबूझकर की गई कोशिश करार दिया है।
तथ्यों तो तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में कहा कि मैं दिल्ली में सरकारी स्कूल के शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने के संबंध में आपकी ओर से हाल ही में दिए गए गलत और भ्रामक बयानों पर गहरी चिंता व्यक्त करने के लिए आपको यह पत्र लिख रहा हूं। आपने सार्वजनिक रूप से यह आरोप लगाया है कि शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती करने का काम सौंपा जा रहा है। ये बातें न केवल गलत हैं, बल्कि तथ्यों को पूरी तरह से तोड़-मरोड़ कर पेश करने जैसी हैं। इस विषय पर सरकारी आदेश (सर्कुलर) पहले से ही सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।"

'शूट-एंड-स्कूट' की राजनीति करती है AAP...
सूद ने आगे लिखा कि प्रशासन में आपके अनुभव और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते, आपकी बातों को केवल एक गलतफहमी नहीं माना जा सकता। इसके बजाय, ऐसा लगता है कि यह इस महत्वपूर्ण सुरक्षा पहल के सुचारू रूप से लागू होने की प्रक्रिया में बाधा डालने की एक जानबूझकर की गई कोशिश है। दुर्भाग्य से ऐसा व्यवहार उस पुराने ढर्रे को दर्शाता है जिसमें आम आदमी पार्टी 'शूट-एंड-स्कूट' (आरोप लगाकर भाग जाने) की राजनीति करती है, जहां बेबुनियाद आरोप लगाए जाते हैं, सनसनी फैलाई जाती है और फिर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है।
सार्वजनिक रूप से माफी मांगिए
आशीष सूद ने लिखा कि राजनीति का यह तरीका बेवजह की उथल-पुथल पैदा करता है, जनता के भरोसे को कम करता है और शासन में बाधा डालता है। शिक्षा मंत्री के रूप में मैं बच्चों के कल्याण या स्कूलों के कामकाज में इस तरह की हरकतों को दखल देने की अनुमति नहीं दे सकता और न ही दूंगा। इसके साथ ही, मैं आपसे अपील करता हूं कि एक पूर्व मुख्यमंत्री के नाते, आपको गलत जानकारी फैलाने के लिए दिल्ली की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। एक जिम्मेदार राजनीतिक चर्चा के लिए संयम, ईमानदारी और सच्चाई के प्रति सम्मान होना जरूरी है। मुझे पूरी उम्मीद है कि अब से आप ऐसी झूठी, दुर्भावनापूर्ण और भ्रामक बातों से दूर रहेंगे और इस शर्मनाक कृत्य के पछतावे के रूप में सार्वजनिक माफी मांगेंगे।





