दिल्ली में 1 करोड़ की ड्रग्स बरामद, 2 नाइजीरियन समेत 4 गिरफ्तार; 5 साल की सजा काट चुका पीटर
दिल्ली पुलिस ने पश्चिमी दिल्ली में एक बड़े ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो नाइजीरियन नागरिक भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से करीब 1 करोड़ रुपये की कीमत की एमडीएमए (MDMA) ड्रग्स बरामद की गई है।

दिल्ली पुलिस ने पश्चिमी दिल्ली में एक बड़े ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो नाइजीरियन नागरिक भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से करीब 1 करोड़ रुपये की कीमत की एमडीएमए (MDMA) ड्रग्स बरामद की गई है।
पीटर आदतन अपराधी है, 5 साल की सजा काट चुका
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरमीत सिंह और मुकेश कुमार उर्फ विक्की (दोनों उत्तम नगर निवासी) के रूप में हुई है। इनके अलावा नाइजीरियन नागरिक मांकाबो डेविड और इमेका इमैनुएल उर्फ पीटर को भी पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार, इमैनुएल आदतन अपराधी है और पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार हो चुका है। वह पांच साल की सजा काट चुका है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तिलक नगर इलाके में ड्रग्स तस्करी की सूचना मिलने के बाद इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। 6 अप्रैल को पुलिस टीम ने गणेश नगर स्थित एक किराए के मकान पर छापा मारा, जहां से गुरमीत और मुकेश को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान करीब 73 ग्राम एमडीएमए, 112 जिप-लॉक पाउच, इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन, पैकिंग सामग्री और 37,500 रुपये नकद बरामद किए गए, जिन्हें अपराध से जुड़ी कमाई माना जा रहा है।
इसके बाद पूछताछ के आधार पर 9 अप्रैल को मांकाबो डेविड को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से 10 ग्राम से अधिक एमडीएमए मिली। उसी दिन एक अन्य आरोपी इमेका इमैनुएल को भी पकड़ा गया, जिसके कब्जे से 7 ग्राम ड्रग्स बरामद हुई।
दिल्ली एनसीआर में की जाती थी सप्लाई
जांच में सामने आया है कि यह सिंडिकेट बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। एमडीएमए की सप्लाई नाइजीरियन नेटवर्क के जरिए की जाती थी और दिल्ली-एनसीआर में इसका वितरण किया जाता था। गुरमीत को इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जो खरीद और सप्लाई संभालता था, जबकि मुकेश स्थानीय स्तर पर वितरण करता था।
मकान में चला रहे थे एस्कॉर्ट सर्विस
पुलिस को यह भी पता चला है कि आरोपी किराए के मकान से कथित तौर पर एस्कॉर्ट सर्विस चला रहे थे, जिसका इस्तेमाल ड्रग्स तस्करी के कवर के रूप में किया जा रहा था। पकड़े जाने से बचने के लिए सिंडिकेट सीसीटीवी निगरानी और पासवर्ड आधारित एंट्री सिस्टम का इस्तेमाल करता था।
पुलिस ने आरोपियों के इस्तेमाल में लाई गई गाड़ियां और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं। साथ ही इस नेटवर्क के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच की जा रही है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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