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दूर हो गई डबल डेकर पुल की सबसे बड़ी रुकावट, DMRC ने बताया कब तक बन जाएगा

दूर हो गई डबल डेकर पुल की सबसे बड़ी रुकावट, DMRC ने बताया कब तक बन जाएगा

संक्षेप:

इस मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि DMRC ऐसे तीन डबल-डेकर पुल बना रही है, लेकिन उम्मीद है कि यह पुल सबसे पहले बनकर तैयार होगा, शायद अगले साल के मध्य तक ये पूरा हो जाए। भजनपुरा और यमुना विहार के बीच का डबल-डेकर सेक्शन फिलहाल ट्रेनों के चलने के लिए तैयार है। 

Dec 11, 2025 09:39 am ISTUtkarsh Gaharwar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली के पहले डबल-डेकर पुल के निर्माण की एक बड़ी रुकावट पिछले हफ्ते दूर हो गई। इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को कई पेड़ों को काटने और दूसरी जगह लगाने की अनुमति मिल गई है, जो फ्लाईओवर के रैंप के निर्माण को रोक रहे थे। यह डबल-डेकर पुल 1.4 किलोमीटर लंबा है और इसे भजनपुरा और यमुना विहार मेट्रो स्टेशनों के बीच बनाया जा रहा है। यह पुल पिंक लाइन कॉरिडोर के विस्तार (मौजपुर से मजलिस पार्क तक) का हिस्सा है। हालांकि, निर्माण कार्य दो साल से ज़्यादा समय से अटका हुआ था, क्योंकि DMRC को निर्माण पूरा करने के लिए पेड़ों को काटने की अनुमति की जरूरत थी।

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इस मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि DMRC ऐसे तीन डबल-डेकर पुल बना रही है, लेकिन उम्मीद है कि यह पुल सबसे पहले बनकर तैयार होगा, शायद अगले साल के मध्य तक ये पूरा हो जाए। अधिकारी ने कहा, "दो साल से ज्यादा समय से काम रुका हुआ था, क्योंकि फ्लाईओवर के रास्ते में कई पेड़ आ रहे थे। हालांकि, पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं मिल रही थी।"

DMRC के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने बताया कि भजनपुरा और यमुना विहार के बीच का डबल-डेकर सेक्शन फिलहाल ट्रेनों के चलने के लिए तैयार है, लेकिन, डबल-डेकर पुल के सड़क वाले हिस्से (फ्लाईओवर) का रैंप (चढ़ाव) अभी तक तैयार नहीं था। दयाल ने कहा, "पेड़ काटने की अनुमति पिछले सप्ताह ही मिली है, और DMRC बचे हुए हिस्से के निर्माण के लिए PWD (लोक निर्माण विभाग) के साथ समन्वय कर रहा है।"

DMRC इसके अलावा दो डबल-डेकर पुल बना रहा है, वे भी फेज-4 के तहत बन रहे बाकी बचे दो कॉरिडोर का हिस्सा हैं।

मैजेंटा लाइन विस्तार: यह 2.2 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर आज़ादपुर और अशोक विहार स्टेशनों के बीच बन रहा है, जो जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम तक के मैजेंटा लाइन विस्तार का हिस्सा है।

गोल्डन लाइन कॉरिडोर: यह 2.4 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर संगम विहार और अंबेडकर नगर स्टेशनों के बीच बन रहा है, जो गोल्डन लाइन कॉरिडोर (एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर) का हिस्सा है।

अनुज दयाल ने बताया कि मैजेंटा लाइन विस्तार वाले फ्लाईओवर के लिए लगभग 70% नींव का काम पूरा हो चुका है, और पियर (स्तंभ) का काम भी लगभग पूरा होने वाला है। रैंप और डेक स्लैब (ऊपरी सतह) का काम भी प्रगति पर है। उन्होंने आगे बताया कि गोल्डन लाइन फ्लाईओवर पर लगभग 85% नींव का काम पूरा हो चुका है। "वहां पाइल (नींव के खंभे) और पाइल कैप्स (खंभों के सिरे) से जुड़ा 85% से ज़्यादा काम पूरा हो गया है। वहां अभी डेक स्लैब का काम चल रहा है," दयाल ने कहा।

DMRC अपने फेज-4 विस्तार के तहत छह कॉरिडोर में लगभग 103 किलोमीटर की मेट्रो लाइनें बना रहा है। वर्तमान में, तीन कॉरिडोर—जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम मार्ग (मैजेंटा लाइन विस्तार), मजलिस पार्क से मौजपुर (पिंक लाइन विस्तार), और एयरोसिटी से तुगलकाबाद (नई गोल्डन लाइन)—पूरा होने के करीब हैं। इनमें से, पिंक लाइन का निर्माण तो पूरा हो चुका है, लेकिन यह कॉरिडोर अभी चालू होना बाकी है।

Utkarsh Gaharwar

लेखक के बारे में

Utkarsh Gaharwar
एमिटी और बेनेट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता के गुर सीखने के बाद अमर उजाला से करियर की शुरुआत हुई। अमर उजाला में बतौर एंकर सेवाएं देने के बाद 3 साल नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम किया। वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हूं। एंकरिंग और लेखन के अलावा मिमिक्री और थोड़ा बहुत गायन भी कर लेता हूं। और पढ़ें
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