
दिल्ली में धुंध से 60% बढ़ी आंखों की समस्याएं; कैसे करें बचाव? विशेषज्ञों की राय
दिल्ली के डॉक्टरों का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी में छाई जहरीली धुंध लोगों को आंखों की समस्याएं दे रही है। जहरीली हवा और धुंध ने आंखों से संबंधित समस्याओं में बढ़ोतरी की है। जानें कैसे करें बचाव?
दिल्ली एनसीआर पर छाई जहरीली धुंध लोगों को आंखों की समस्याएं दे रही है। दिल्ली के डॉक्टरों का कहना है कि जहरीली हवा और धुंध ने एलर्जी, सूखापन, जलन और ज्यादा आंसू आने जैसी आंखों से संबंधित समस्याओं में बढ़ोतरी की है। इससे वयस्क और बच्चे दोनों ही प्रभावित हो रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि उन्होंने दिवाली के बाद पलूशन बढ़ने के साथ ही आखों की समस्याओं में 60 फीसदी की बढ़ोतरी देखी है।

आंख के रोगियों में 60 फीसदी की बढ़ोतरी
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि पलूशन का खतरनाक स्तर न केवल फेफड़ों के साथ आंखों के लिए भी नुकसानदायक है। दिल्ली आई सेंटर और सर गंगा राम अस्पताल में वरिष्ठ कॉर्निया, मोतियाबिंद सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. इकेदा लाल ने कहा कि हर साल दिवाली के बाद आंखों की समस्याओं में बढ़ोतरी देखी जाती है। इस बार भी खुजली, लालिमा और जलन की शिकायत वाले रोगियों की संख्या में लगभग 50 से 60 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
धूल और केमिकलों का मिश्रण घातक
डॉ. इकेदा लाल ने आगे कहा- हम गंभीर आंखों की एलर्जी वाले मरीजों को देख रहे हैं। पलूशन, धूल और केमिकलों का मिश्रण आंखों को नुकसान पहुंचा रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसी जहरीली हवा के लंबे समय तक संपर्क में रहने से आंखों की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। खासकर उन लोगों में जो देर तक बाहर रहते हैं।
अनदेखी पड़ सकती है भारी
एम्स के आरपी सेंटर में नेत्र विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. राजेश सिन्हा ने कहा कि बीते कुछ दिनों में आंखों में सूखापन, जलन और पानी आने की समस्या से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगभग 50 फीसदी की वृद्धि देखी गई है। स्वस्थ लोग भी आंखों में जलन का अनुभव कर रहे हैं। हवा में मौजूद पलूशन के कण (पीएम 2.5 और पीएम 10) आंसू की परत को नुकसान पहुंचते हैं। पलूशन के कारण आखों में हो रही समस्या की अनदेखी से संक्रमण तक हो सकता है।
ये केमिकल पहुंचाते हैं नुकसान
डॉ. राजेश सिन्हा ने आगे कहा कि आंखें सीधे पर्यावरण के संपर्क में होती हैं। ये पलूशन से सबसे पहले प्रभावित होने वाले अंगों में से एक हैं। पलूशन के कणों से नजर अस्थायी रूप से धुंधली हो सकती है। नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और कार्बन कण जैसे प्रदूषक आंखों की नमी के साथ रिएक्शन कर के जलन और सूजन पैदा करते हैं।
पलूशन के कण बढ़ा सकते हैं सूजन
दिल्ली आई सेंटर और सर गंगा राम अस्पताल में आई स्पेशलिस्ट डॉ. इकेदा लाल ने कहा कि आंखों की सतह नाजुक होती है। प्रदूषण आंख में नमी के संतुलन को बिगाड़ देता है जिससे आंखें सूखी, लाल और संक्रमण की चपेट में आ जाती हैं। धुंध के संपर्क में आने से आंखों में जलन और खुजली हो सकती है। पलूशन से कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोग खास तौर पर असुरक्षित होते हैं। लेंस और कॉर्निया के बीच फंसे पलूशन के कण सूजन को बढ़ा सकते हैं।
कैसे करें बचाव?
1- डॉ. लाल ने कहा कि लोगों को भारी पलूशन के दौरान कॉन्टैक्ट लेंस और आंखों के भारी मेकअप से बचना चाहिए।
2- पलूशन के प्रभाव को कम करने के लिए लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करना चाहिए।
3- चश्मा पहनना चाहिए।
4- आंखों पर साफ पानी मारना चाहिए।
5- बाहर निकलते समय आईवियर पहने।
6- बेहतर होगा कि बाहरी गतिविधियों को सीमित रखें।
नेत्र रोग विशेषज्ञ से लें सलाह
डॉ. लाल ने कहा कि जिन लोगों को लगातार लालिमा, दर्द या धुंधली दृष्टि की समस्या हो रही है उनको तुरंत किसी नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। वहीं डॉ. सिन्हा ने कहा कि भारी पलूशन के संपर्क में रहने से आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे दृष्टि प्रभावित हो सकती है। चश्मा पहनना और लुब्रिकेंट ड्रॉप्स का इस्तेमाल नुकसान से बचा सकता है।





