
नशे में नहीं थी गगनप्रीत, FIR की टाइमिंग पर सवाल; BMW कार हादसे में क्या नया पता चला?
संक्षेप: आरोपी गगनप्रीत के वकील विकास पाहवा ने दावा किया है कि इस घटना की प्राथमिकी (FIR) पुलिस उपायुक्त (DCP) की ओर की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस से मेल नहीं खाती है। दिल्ली पुलिस ने आज बताया कि आरोपी गगनप्रीत की ब्लड सैंपल रिपोर्ट में शराब नहीं पाई गई है। उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
दिल्ली के धौला कुंआ में BMW से सरकारी कर्मचारी नवजोत सिंह की मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया है। वित्त मंत्रालय में काम करने वाले नवजोत अपनी पत्नी के साथ उस दिन बाइक पर जा रहे थे कि तभी उनके साथ यह हृदय विदारक घटना हो गई। इस घटना की मुख्य आरोपी महिला को कोर्ट ने दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आज उसकी ब्लड रिपोर्ट आई है,जिसमें यह साफ हो गया है कि गगनप्रीत ने शराब नहीं पी थी यानी उसने नशे में यह कांड नहीं किया है।

FIR की टाइमिंग पर सवाल, रिपोर्ट में शराब की बात नहीं
दिल्ली पुलिस ने आज बताया कि आरोपी गगनप्रीत की ब्लड सैंपल रिपोर्ट में शराब नहीं पाई गई है। उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। कल रात ही उसे गिरफ्तार कर दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। आरोपी के वकील विकास पाहवा ने दावा किया है कि इस घटना की प्राथमिकी (FIR) पुलिस उपायुक्त (DCP) की ओर की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस से मेल नहीं खाती है। पाहवा ने एएनआई को बताया, "हमने प्राथमिकी पढ़ी, जो घटना के 10 घंटे बाद दर्ज की गई। घटना दोपहर 1:30 बजे हुई और प्राथमिकी रात 11:30 बजे दर्ज की गई, प्राथमिकी में दी गई जानकारी डीसीपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से मेल नहीं खाती है, यह गलत लग रही है।"
आरोपी को फंसाने की कोशिश?
आरोपी ड्राइवर गगनप्रीत कौर को सोमवार को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था और बाद में कोर्ट ने उसे दो दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और उसकी पत्नी घायल हो गईं। गगनप्रीत के वकील पाहवा ने कहा, "अगर किसी की मौत लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण होती है, तो यह एक जमानती अपराध है। अगर कोई कुछ धाराएं जोड़कर इसे गैर-जमानती अपराध में बदलने की कोशिश करता है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। डीसीपी ने कहा था कि यह दुर्घटना तब हुई जब कार एक बहुत ही खतरनाक मोड़(Sharp Turn) पर टकरा गई। जब दुर्घटना एक ऐसे मोड़ पर हुई, तो कार का आगे का हिस्सा पहले टकराया। एक दोपहिया वाहन पर सवार दो लोगों को टक्कर लगी और वे एक डीटीसी बस से जा टकराए।"
उन्होंने आगे कहा, "सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, इसे अदालत में नहीं दिखाया गया। आरोपी उसके पति और उनके बच्चे अभी भी कार में थे। उनके एयरबैग भी खुल गए थे और वे भी घायल हैं। यह लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला नहीं है। यह धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) का मामला कैसे हो सकता है? आरोप यह है कि वे पीड़ितों को 45 मिनट दूर एक अस्पताल ले गए।" उन्होंने कहा कि इस बात का सबूत है कि आरोपी ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही डॉक्टर से फोन पर बात करके इमरजेंसी की तैयारी रखने को कहा था।
पाहवा ने कहा, "टैक्सी ड्राइवर के अनुसार, डॉक्टरों ने उनका ठीक से इलाज किया। वे 46 मिनट के भीतर अस्पताल पहुंचे और सुबह करीब 2:16 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। प्राथमिकी का संस्करण जांच अधिकारी का संस्करण है। आरोपी को 2 दिनों की न्यायिक हिरासत दी गई है। हमने जमानत याचिका दायर की है। इसकी सुनवाई परसों है।"
बीएमडब्ल्यू कार ने रविवार को एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। टक्कर के दौरान मोटरसाइकिल भी बाईं ओर एक बस से टकरा गई। वित्त मंत्रालय के कर्मचारी और हरि नगर निवासी नवजोत सिंह को मृत घोषित कर दिया गया। उनकी पत्नी को कई फ्रैक्चर और सिर में चोटें आई हैं। मृतक नवजोत के वकील, ईशान दीवान ने एएनआई को बताया, "पुलिस ने न्यायिक हिरासत की मांग की और पुलिस हिरासत की नहीं। अदालत ने दो दिनों की न्यायिक हिरासत दी है। आरोपी के वकील ने आज जमानत याचिका दायर की है, अभी जो महत्वपूर्ण है वह यह है कि जो दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है, वह दोबारा न हो, हम अदालत में सभी तथ्य पेश करेंगे।"





