काम की बात: अब 2.5 घंटे में दिल्ली से देहरादून! ट्रेन, फ्लाइट या एक्सप्रेसवे; कौन है सबसे सस्ता और तेज?
Delhi Dehradun Expressway: इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर जहां पहले करीब 6 घंटे में पूरा होता था, अब महज 2.5 घंटे में तय किया जा सकेगा। अब समझिए इसके खुलने के बाद ट्रेन, हाईवे या हवाई जहाज किससे सफर करना सस्ता होगा; समय और पैसे दोनों के लिहाज से।

Delhi Dehradun Expressway: दिल्ली से देहरादून का सफर अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने वाला है। करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बना दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे जल्द ही शुरू होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को इसका उद्घाटन करने वाले हैं। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर जहां पहले करीब 6 घंटे में पूरा होता था, अब महज 2.5 घंटे में तय किया जा सकेगा। वहीं दिल्ली से हरिद्वार की दूरी भी 5 घंटे से घटकर करीब 2 घंटे रह जाएगी। अब समझिए इसके खुलने के बाद ट्रेन, हाईवे या हवाई जहाज किससे सफर करना सस्ता होगा; समय और पैसे दोनों के लिहाज से।
एक्सप्रेसवे vs ट्रेन: किसमें कम समय लगेगा
अगर ट्रेन से तुलना करें, तो अभी इस रूट पर सबसे तेज ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेसवे है, जो करीब 4 घंटे 45 मिनट में देहरादून पहुंचती है। वहीं अगर आप एक्सप्रेसवे से जा रहे हैं, तो यह दूरी करीब 2.5 घंटे में पूरी हो जाएगी। इसका मतलब है कि एक्सप्रेसवे से करीब 2 घंटे से ज्यादा की बचत होगी। अब आगे किराए की बात करते हैं।
एक्सप्रेसवे vs ट्रेन: किससे कम रुपये लगेंगे
ट्रेन का किराया 1075 रुपये (AC चेयर कार), 1900 रुपये (एग्जीक्यूटिव) है। अगर कैब से सफर करें, तो कैब किराया 2700 रुपये से लेकर 7400 रुपये तक हो सकता है। ये आपकी गाड़ी पर निर्भर करेगा कि आपने कितनी लग्जरी और कितने सीट वाली गाड़ी बुक की है। इस हिसाब से अगर आप 4 लोगों के ग्रुप में सफर कर रहे हैं, तो आपके लिए कैब का खर्च प्रति व्यक्ति कम पड़ सकता है, जबकि अकेले सफर करने के दौरान ट्रेन फिर भी सस्ती रहेगी।
एक्सप्रेसवे vs फ्लाइट: किसमें कम समय लगेगा?
दिल्ली से देहरादून फ्लाइट से सफर करने में करीब 1 घंटा 10 मिनट लगता है, जबकि एक्सप्रेसवे में 2.5 घंटे। समय के लिहाज से पहली मरतबा हवाई जहाज से सफर करना फायदेमंद सौदा लगेगा, लेकिन असल में इसमें ज्यादा समय लग सकता है। क्योंकि, एयरपोर्ट पहुंचने, चेक-इन और अन्य कामों में लगने वाले समय को जोड़ दें, तो कुल समय बढ़ जाता है। ऐसे में एक्सप्रेसवे का 2.5 घंटे का सफर ज्यादा सुविधाजनक और किफायती विकल्प बन सकता है।
एक्सप्रेसवे vs फ्लाइट: किसमें कम रुपये लगेंगे?
अब अगर किराये की बात करें तो हवाई टिकट की शुरूआत 4000 रुपये से होती है। जबकि कैब की शुरूआत करीब 2700 रुपये से हो रही है। ऐसे में अगर आप अकेले भी यात्रा करते हैं, तो एक्सप्रेसवे बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। वहीं अगर आपका 4 लोगों का ग्रुप है, फिर तो आप पूरी तरह से फायदे का सौदा कर रहे होंगे।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने से आपकी यात्रा न सिर्फ तेज होगी, बल्कि कई मामलों में किफायती भी साबित होगी। एक-एक लाइन में बताएं, तो ग्रुप ट्रैवल के लिए सड़क सबसे सस्ती। सोलो ट्रैवल के लिए ट्रेन अभी भी बेहतर, लेकिन समय और सुविधा के लिहाज से एक्सप्रेसवे सबसे संतुलित विकल्प बनकर उभर रहा है।
जानिए रूट और खासियत
आखिर में चलते-चलते इसका रूट और खासियत भी जानिए। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से शुरू होकर देहरादून तक जाएगा। रास्ते में यह बागपत, बड़ौत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर से होकर गुजरेगा। इसके अलावा हरिद्वार के लिए एक अलग कनेक्टिविटी (स्पर) भी होगी और यह चारधाम हाईवे से भी जुड़ेगा, जिससे उत्तराखंड के धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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