
‘मैंने अश्लील वीडियो नहीं भेजे हैं...’ डॉक्टर कपल ने बताई ‘डिजिटल अरेस्ट’ की पूरी कहानी
महिला ने ठगों को बताया कि उनके पति एम्स में सर्जरी के बाद ठीक हो रहे हैं और उनकी मदद करने वाला कोई नहीं है इसके बावजूद वे दंपत्ति पर दबाव डालते रहे, और अंत में 14.85 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। आपको बता दें कि यह धोखाधड़ी 24 दिसंबर से 9 जनवरी के बीच हुई।
दिल्ली में एक बुजुर्ग डॉक्टर कपल को दो हफ्तों से ज्यादा समय तक 'डिजिटल अरेस्ट' कर साइबर ठगों ने 14 करोड़ रुपये ठग लिए। मामला ग्रेटर कैलाश इलाके का है। डॉक्टर कपल ने पीटीआई से बातचीत में इस पूरे घटनाक्रम में उनके साथ-साथ क्या हुआ इसकी जानकारी दी है।
पीड़ित बुजुर्ग महिला इंदिरा तनेजा ने बताया है कि उन्हें सबसे पहले 24 दिसंबर को कॉल आई थी। कॉल करने वाला खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) का अधिकारी बता रहा था। महिला ने बताया 'मुझे सबसे पहले 24 दिसंबर को 12 बजे के आस-पास TRAI से कॉल आई और उन्होंने कहा कि आपका टेलिफोन नंबर कट रहा है क्योंकि आपके नंबर से बड़ी अश्लील कॉल की गई हैं और 26 लोगों ने भी आपके खिलाफ शिकायत की है। आप मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं।'
एफआईआर और गिरफ्तारी वारंट
ठगी का शिकार हुई महिला ने आगे बताया ‘मैंने उनसे कहा कि मैंने किसी को भी अश्लील वीडियो नहीं भेजे हैं और मैं मनी लॉन्ड्रिंग में कैसे शामिल हूं। उन्होंने मुझे एक नंबर बताया जिसे मैंने लिख लिया और फिर बताया कि आप जो नंबर बोल रहे हैं वो तो मेरा है ही नहीं। इसके बाद ठग ने दावा किया कि हमारे खिलाफ महाराष्ट्र में एफआईआर और गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं, और फिर वीडियो कॉल पर मुझे पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति से बात करवाई।’

पीड़िता महिला ने बताया है कि ‘नकली पुलिस अधिकारी बन ठग ने कहा कि मेरे नाम के कैनरा बैंक खाते का इस्तेमाल बड़े स्तर की धोखाधड़ी में हुआ है और ये ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का मामला है। ठग इस दौरान मुंबई आकर अधिकारियों के सामने पेश होने का दबाव भी बनाता था।’
महिला ने ठगों को बताया कि 'उनके पति एम्स में सर्जरी के बाद ठीक हो रहे हैं और उनकी मदद करने वाला कोई नहीं है इसके बावजूद वे दबाव डालते रहे, और अंत में 14.85 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए।' आपको बता दें कि यह धोखाधड़ी 24 दिसंबर से 9 जनवरी के बीच हुई।





