
दिल्ली में एसिड अटैक फर्जीवाड़े में छात्रा का चाचा और भाई अरेस्ट
दिल्ली पुलिस ने भारत नगर थाना क्षेत्र में एसिड अटैक फर्जीवाड़े में छात्रा के चाचा वकील खान और भाई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि साजिश में शामिल पीड़िता के चाचा वकील और उसके भतीजे को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया है।
भारत नगर थाना क्षेत्र में एसिड अटैक फर्जीवाड़े में दिल्ली पुलिस ने छात्रा के चाचा वकील खान और भाई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि षड्यंत्र में शामिल पीड़िता के चाचा वकील व उसके भतीजे को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया है। जबकि भलस्वा डेयरी थाने में दर्ज दुष्कर्म मामले में छात्रा का पिता अकील खान पुलिस की रिमांड पर है। रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस अकील को भी इस मामले में गिरफ्तार कर सकती है।

मामले की पूछताछ कर कार्रवाई
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूरे मामले की पूछताछ कर आगे की कार्रवाई कर रही है। गौरतलब है कि मामले में छात्रा मुकुंदपुर से अपने भाई के साथ स्कूटी से सुबह 9.35 बजे निकली। उसका भाई उसे लक्ष्मी बाई कॉलेज के पास ले गया।
पिता और चाचा के संपर्क में थी
इस दौरान उसके हाथ में एक बोतल थी जिसमें टॉयलेट क्लीनर होने की संभावना जताई जा रही है जिसे उसने छात्रा को सौंप दिया। इस दौरान वह लगातार अपने पिता अकील खान और चाचा वकील खान के संपर्क में बनी हुई थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पिता और चाचा के कहने पर छात्रा ने केमिकल को जमीन पर गिरा दिया। फिर अपने दोनों हाथों को जमीन पर रगड़ दिया जिससे जलन होने लगी।
दो मामलों में दबाव बनाना चाहता था आरोपी
आरोपी इस फर्जीवाड़े की मदद से दो मामलों में दूसरे पक्ष पर दबाव बनाकर मामला खत्म करना चाहता था। पहला मामला यह है कि अकील खान के साले शमसुद्दीन ने जमीनी विवाद में 2018 में शबनम नाम की महिला पर मंगोलपुरी इलाके में तेजाब फेंक दिया था। अब यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। छात्रा ने जिन दो लड़कों के नाम एफआईआर में लिखवाए हैं वे दोनों नाबालिग पीड़िता शबनम के बेटे हैं।
भलस्वा डेयरी थाने में दी थी शिकायत
इसके अलावा दूसरा मामला दुष्कर्म वाला है जिसमें शुक्रवार को एक महिला ने अकील के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत भलस्वा डेयरी थाने में दी थी। इस मामले में अश्लील फोटो और वीडियो मिलने के बाद आईटी एक्ट की धारा भी जोड़ने के बाद छात्रा के पिता अकील को सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया था। इसमें वह महिला के पति और परिवार पर दबाव डालना चाहता था।
मामले में तीन युवकों को मिली राहत
एसिड अटैक फर्जीवाड़े के तहत छात्रा ने पुलिस को दिए बयान में मुख्य आरोपी जितेंद्र को बनाते हुए कहा था कि उसके ही इशारे पर ने दोनों नाबालिगों ने उस पर तेजाब फेंका है। लेकिन पुलिस व जांच अधिकारी के सूझबूझ से तीनों को क्लीन चिट मिल गई। पुलिस के मुताबिक, थाने में जितेंद्र का बयान लेने के बाद मामले में कुछ चीजें संदिग्ध लगी। इसके बाद दूसरे एंगल से जांच के दौरान पूरे मामले का खुलासा हुआ।





