सावधान! आपकी दवाएं कहीं नकली तो नहीं? दिल्ली में अंतर-राज्यीय रैकेट का भंडाफोड़

Apr 05, 2026 05:24 pm ISTKrishna Bihari Singh पीटीआई, नई दिल्ली
share

दिल्ली पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार कर करीब 2 करोड़ रुपये की नकली दवाओं के अंतर-राज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गिरोह ने अवैध लेनदेन छिपाने के लिए 50 करोड़ रुपये का नकली जीएसटी नेटवर्क भी बनाया था।

सावधान! आपकी दवाएं कहीं नकली तो नहीं? दिल्ली में अंतर-राज्यीय रैकेट का भंडाफोड़

सावधान! कहीं आपकी दवाएं नकली तो नहीं… दिल्ली पुलिस ने एक बड़े अंतर-राज्यीय रैकेट का पर्दाफाश करते हुए नकली जीवन रक्षक दवाएं बनाने और बेचने वाले छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब 2 करोड़ रुपये की नकली दवाएं और 2,000 किलो कच्चा माल भी बरामद हुआ है। गिरोह डायबिटीज और बीपी जैसी गंभीर बीमारियों की नकली दवाएं बाजार में सप्लाई करता था। दिल्ली पुलिस ने मुजफ्फरनगर में एक अवैध फैक्ट्री को भी सील किया है। पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है।

ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने नकली जीएसटी फर्मों के एक नेटवर्क का पर्दाफाश किया। इस नेटवर्क का इस्तेमाल नकली इनवॉइस बनाने और अवैध कमाई को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था। अनुमानत: इन नकली बिलों की कुल कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये है।

शुगर, BP और लिवर के इलाज वाली नकली दवाएं

एक अधिकारी ने बताया कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर नकली दवाएं बनाने और बेचने का काम कर रहा था। ये नकली दवाएं शुगर, ब्लड प्रेशर और लिवर जैसी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होती हैं। इनसे लोगों की सेहत को भारी खतरा हो सकता है।

नकली जीएसटी फर्में चलाते थे आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निखिल अरोड़ा उर्फ सन्नी (शाहदरा का थोक दवा विक्रेता) शिवम त्यागी और मयंक अग्रवाल (उत्तर प्रदेश के सप्लायर) मोहित कुमार शर्मा (उत्तराखंड के मुख्य सप्लायर) और शाहरुख और राहुल के रूप में हुई है। शाहरुख और राहुल इस अवैध व्यापार को चलाने के लिए नकली जीएसटी फर्में चलाते थे।

खुफिया इनपुट पर ऐक्शन

पुलिस अधिकारी ने बताया कि खुफिया इनपुट मिलने के बाद 11 मार्च को शाहदरा की बिहारी कॉलोनी में छापा मारा गया। इस कार्रवाई के दौरान निखिल अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया जो भागीरथी पैलेस में दवा की थोक दुकान चलाता था।

इन दवाओं के नकली वर्जन होता था तैयार

पुलिस अधिकारी ने बताया कि छापे के दौरान 1.2 लाख से अधिक नकली टैबलेट और कैप्सूल बरामद किए गए। इनमें Rabemac-DSR, Telma-AM, Sporolac-DS, Signoflam, Chymoral Forte, Ursocol-300, Gluconorm, Jalra-50 और कई अन्य प्रचलित दवाओं के फेक वर्जन शामिल थे। इस तरह की फेक दवाओं के गंभीर नतीजे हो सकते हैं। ये दवाएं अक्सर पुरानी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को लिखी जाती थीं।

नकली इनवॉइस का इस्तेमाल करते थे आरोपी

पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी एक खास तरीका अपना रखा था। नकली दवाओं की सप्लाई नकली इनवॉइस का इस्तेमाल करके की जाती थी। ये नकली इनवॉइस काल्पनिक जीएसटी फर्मों से तैयार किए जाते थे। ये कंपनियां केवल कागजों पर ही मौजूद थीं। ये शेल कंपनियां नकली दवा के कारोबार को छिपाने और टैक्स की जांच से बचने के लिए बनाई गई थीं।

मुजफ्फरनगर में चल रही थी नकली दवा की कंपनी

पुलिस ने सप्लाई चेन का पता लगाते हुए यूपी के मुजफ्फरनगर में एक अवैध दवा बनाने वाली यूनिट का खुलासा किया है। यूनिट लगभग 1,000 वर्ग गज में फैली थी। इसे मोहम्मद अकदस सिद्दीकी चला रहा था जो फरार है। छापेमारी में लगभग 2,000 किलोग्राम कच्चा माल बरामद हुआ। पुलिस ने टैबलेट बनाने वाली मशीनें, कोटिंग यूनिट, कैप्सूल भरने वाली मशीनें जब्त की हैं। मौके से 10,000 खाली बोतलें भी बरामद हुई हैं। इन पर नामी दवा कंपनियों के नकली लेबल चिपकाए गए थे। पुलिस ने ब्रांडेड दवाओं की पैकेजिंग सामग्री और प्रिंटिंग सेट भी बरामद किए हैं।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।