दिल्ली के अंबेडकर नगर थाने में वकील को पीटा, इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
दिल्ली के अंबेडकर नगर थाने में एक वकील को बंधक बनाकर पीटने के आरोप में इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साकेत कोर्ट के वकीलों ने पुलिस पर बदसलूकी और मारपीट का आरोप लगाया।

दिल्ली के अंबेडकर नगर थाने में तैनात पुलिसकर्मियों पर वकीलों को बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप लगा है। वारदात के दौरान थाने में एसीपी पर भी थाने में होने का आरोप लगा है। साकेत कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य मौके पर पहुंचे, जिसके बाद पीड़ित वकील को छुड़ाया गया। विवाद बढ़ने के बाद एक बार फिर दिल्ली पुलिस और वकील आमने सामने आ गए।
जांच के आदेश
विवाद की सूचना मिलते ही दक्षिणी दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त खुद मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की फैक्ट-फाइंडिंग जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस उपायुक्त ने मामेल में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अम्बेड़कर नगर थाने में तैनात इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
क्या थी विवाद की वजह?
पुलिस सूत्रों ने बताया कि एक मामले की जांच के दौरान जांच अधिकारी एसआई सुनील सोमवार दोपहर दो बजे एक शख्स को उसके घर से उठाकर थाने ले आए। जिसके बाद उसके वकील उससे मिलने के लिए थाने पहुंचे। वकीलों का आरोप है कि दोपहर दो बजे से शाम करीब 7.30 बजे तक एसआई सुनील ने उन्हें थाने में इंतजार करवाया।
मुवक्किल से बात करने के दौरान विवाद
इस दौरान उन्हें कई बार फोन किया गया, उन्होंने फोन नहीं उठाया। करीब शाम 7.40 बजे जब वह लॉकअप में बंद अपने मुवक्किल से बात कर रहे थे। इसी दौरान एसआई सुनील वहां आ गए। एसआई सुनील ने वकील देवराज, राहुल और उनके एक नवनीत सहयोगी से बदसलूकी की। उन्होंने विरोध किया तो उन्हें जबरन धक्का देकर थाने से बाहर किया जाने लगा।
झगड़ा करने का आरोप
इस दौरान थाने में मौजूद एसीपी से उन्होंने एसआई सुनील की शिकायत की। पीड़ित का आरोप है कि एसीपी ने उन्हें बाहर इंतजार करने के लिए कहा। वह बाहर इंतजार कर रहे थे, इसी दौरान इंस्पेक्टर मुनीश कुमार वहां आ गए और उन्होंने राहुल और देवराज के साथ झगड़ा शुरू कर दिया।
थाने से बाहर निकालने का आरोप
वकीलों का आरोप है कि झगड़े के दौरान इंस्पेक्टर ने देवराज को आईओ के रूम में बंधक बना लिया और उसे जमकर पीटा। बाकि दोनों वकीलों को थाने से बाहर निकाल दिया गया। दोनों वकीलों ने साकेत कोर्ट की बार एसोसिएशन के सदस्यों को फोन किया। बार के अध्यक्ष और सचिव सदस्य वकीलों की मदद के लिए मौके पर पहुंचे और पुलिस उपायुक्त से पूरे मामले पर बात की। पुलिस उपायुक्त देर रात थाने पहुंचे, जहां उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली।
मामले की जांच के आदेश
पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने तुरंत मामले पर संज्ञान लिया और प्रारंभिक स्तर पर परिस्थितियों की समीक्षा की गई। मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। उपायुक्त ने प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर मुनीश कुमार, सब-इंस्पेक्टर सुनील, हेड कांस्टेबल किशन चंद सहित एक अन्य को लाइन हाजिर कर दिया।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।



