दिल्ली में एकतरफा प्रेम को लेकर 2 गुटों में बवाल, हिंसक झड़प में 2 की मौत
दिल्ली के जखीरा इलाके में एकतरफा प्यार के विवाद में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस झगड़े में दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने दो आरोपियों और एक नाबालिग को पकड़ लिया है।

दिल्ली के जखीरा इलाके में एकतरफा प्रेम को लेकर हुए विवाद में 2 गुटों में हिंसक झड़प हो गई। झड़प में कई अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, एक युवक किसी युवती से एकतरफा प्रेम करता था। इसको लेकर दोनों परिवारों में लंबे समय से तनाव था। दोनों परिवारों में मामला भी चल रहा था। शुक्रवार को दोनों गुटों के लोग आमने-सामने आ गए। झड़प में घायल दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है। इस मामले में हत्या की धाराओं के तहत जांच चल रही है।
कुछ की हालत नाजुक
पुलिस को शुक्रवार को एक झगड़े के संबंध में सूचना मिली थी। पुलिस ने बताया कि उत्तरी दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में उसकी टीम के पहुंचने से पहले ही घायलों को दीप चंद बंधु अस्पताल ले जाया जा चुका था। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बाद में बेहतर उपचार के लिए लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस ने बताया कि कुछ घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
इलाज के दौरान दो की मौत
पुलिस के मुताबिक, घायलों की पहचान जखीरा निवासी मंसूर उर्फ सन्नाटा (25), समीर और इम्तियाज (28) के रूप में और शबनम (बदला नाम) और अरमान के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि एलएनजेपी अस्पताल में इलाज के दौरान मंसूर और इम्तियाज की मौत हो गई।
मंसूर का शबनम से था एकतरफा प्रेम
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मंसूर का शबनम (बदला नाम) के प्रति एकतरफा प्रेम था, जिसे लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था। पुलिस के अनुसार, इस मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच मुकदमा भी लंबित है।
दो FIR दर्ज
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि सभी घायलों की मेडिकल जांच की गई। उनके मेडिकल प्रमाण पत्र प्राप्त किए गए। पुलिस ने इस मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की हैं। पहली प्राथमिकी प्रारंभिक रोजनामचा के आधार पर जबकि दूसरी शबनम (बदला नाम) के बयान के आधार पर दर्ज की गई।
हिरासत में नाबालिग
दोनों मामलों को बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। बाद में एक मामले में धारा 103 (हत्या) भी जोड़ी गई। पुलिस ने अब तक दो आरोपियों शबनम और इमरान को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।


