सट्टे के कर्ज ने बनाया मास्टरमाइंड, कारोबारी के बेटे ने रची 17 लाख की लूट की कहानी
दिल्ली के नार्थ रोहिणी में अभिषेक नाम के युवक ने सट्टे का कर्ज चुकाने के लिए अपने ही परिवार के 17 लाख रुपये हड़पने की साजिश रची। उसने पत्नी के साथ लूट की झूठी कहानी गढ़ी लेकिन पुलिस ने सच पकड़ लिया।

दिल्ली के नार्थ रोहिणी इलाके में एक युवक ने शुक्रवार को कर्ज चुकाने के लिए खुद के साथ 17 लाख रुपये की लूट की झूठी वारदात करा डाली। हालांकि पुलिस की जांच में खुलासा होने पर रुपये बरामद हो गये और चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नार्थ रोहिणी पुलिस को अभिषेक नाम के युवक ने 17 लाख रुपये की लूट की सूचना दी थी।
अभिषेक ने बताया कि वह पत्नी के साथ रुपये लेकर कर्ज की रकम लौटाने जा रहा था। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज एवं टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर जांच शुरू की। फिर अनुज, भारत, अजय और फिर अभिषेक को गिरफ्तार कर रुपये बरामद कर लिए।
सट्टे में हार चुका था छह लाख रुपये
जांच में मालूम हुआ कि अभिषेक आनलाइन सट्टे में छह लाख रुपये हार चुका था और उसे अनुज को रुपये चुकाने थे। वहीं अभिषेक का परिवार प्लाईवुड के कारोबार से जुड़ा है। परिवार ने सुमित तायल नाम के शख्स से 17 लाख रुपये कर्ज लिए थे जिसे चुकाने के लिए अभिषेक को रुपये देकर भेजा था। लेकिन अभिषेक ने साथियों के साथ मिलकर लूट की कहानी गढ़ डाली।
ज्वैलर समेत 5 गिरफ्तार
वहीं मधु विहार इलाके में 31 मार्च की रात को लगभग एक करोड़ रुपये की चोरी हुई थी जिसमें पुलिस ने एक ज्वैलर सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम बबलू, विशाल, पिंकी, रवि सोनी और रामपाल हैं जिनके पास से आठ लाख रुपये नकद और बहुत सारे गहने मिले हैं।
ताला तोड़कर 12 लाख रुपये और जेवर चुराए
ज्वैलर रवि सोनी चोरी के गहनों को पिघलाकर बेचने का काम करता था। 1 अप्रैल को आर्य नगर अपार्टमेंट में रहने वाले एक सीए ने इस चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जब परिवार घर से बाहर था तब चोरों ने ताला तोड़कर 12 लाख रुपये और भारी मात्रा में जेवर चुरा लिए थे।
सीसीटीवी फुटेज देखे और फोन रिकॉर्ड्स के जरिए लगाया पता
पुलिस ने जांच के लिए दो टीमें बनाईं जिसमें से एक ने सीसीटीवी फुटेज देखे और दूसरी ने फोन रिकॉर्ड्स के जरिए आरोपियों का पता लगाया। 8 अप्रैल को सबसे पहले बबलू और रामपाल पकड़े गए और फिर उनकी मदद से विशाल, रवि, सोनी और पिंकी को भी पकड़ लिया गया। पूछताछ में पता चला कि ये लोग दिन में बंद घरों की पहचान करते थे और रात को वहां चोरी करते थे। इन आरोपियों पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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