
शादी का पता होने के बाद भी संबंध बनाना रेप नहीं, दिल्ली की कोर्ट ने आरोपी को किया बरी
दिल्ली की एक कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता को आरोपी की शादी के बारे में पता होने के बावजूद वह उसके साथ सहमति से शारीरिक संबंध में थी। ऐसे में प्रथम दृष्टया दुष्कर्म का मामला नहीं बनता।
दिल्ली की एक कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता को आरोपी की शादी के बारे में पता होने के बावजूद वह उसके साथ सहमति से शारीरिक संबंध में थी। ऐसे में प्रथम दृष्टया दुष्कर्म का मामला नहीं बनता। महिला द्वारा साल 2025 में दिल्ली के तिमारपुर थाने में मामला दर्ज कराया गया था।
शिकायतकर्ता महिला का आरोप था कि युवक ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में अपनी पत्नी से तलाक लेने की बात कही थी। शिकायतकर्ता आरोपी की पत्नी और परिवार के दूसरे सदस्यों के भी संपर्क में थी। आरोपी का शादी से एक बच्चा भी है।
आरोपी को कोर्ट से राहत
एडिशनल सेशन जज (ASJ) प्रियंका भगत ने आरोपी युवक मोहित के खिलाफ आरोप तय करने से इनकार कर दिया और उसे रेप के आरोपों से बरी कर दिया। जज प्रियंका भगत ने बरी करने के आदेश में कहा, “यह मुमकिन नहीं है कि शिकायतकर्ता ने सिर्फ शादी के वादे पर और आरोपी के यह कहने पर कि उसने तलाक ले लिया है, आरोपी के साथ दोबारा शारीरिक संबंध बनाए हों।”
कोर्ट ने यह भी कहा कि, यह देखते हुए कि शिकायतकर्ता ने तलाक की बात की पुष्टि किए बिना नवंबर 2023 में आरोपी के खिलाफ पीछा करने के अपराध के संबंध में पहले ही एफआईआर दर्ज करा दी थी, जबकि वह आरोपी के परिवार से अच्छी तरह से जुड़ी हुई थी।
क्या बोले आरोपी के वकील
आरोपी मोहित की तरफ से पेश हुए वकील प्रदीप नागर ने दलील दी कि अभियोजन पक्ष द्वारा लगाए गए रेप का कोई भी अपराध आरोपी के खिलाफ नहीं बनता है, क्योंकि आरोपी और शिकायतकर्ता 2017 से आपसी सहमति से लंबे समय से रिलेशनशिप में थे।
उन्होंने आगे तर्क दिया कि प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड पर रखे गए सबूतों से यह साबित नहीं होता कि शिकायतकर्ता ने इस गलतफहमी में आरोपी के साथ यौन संबंध बनाए कि आरोपी उससे शादी करेगा, क्योंकि शिकायतकर्ता पहले से शादीशुदा थी और जिस दिन उसने आरोपी के साथ शारीरिक संबंध बनाए, उस दिन भी उसकी शादी कायम थी।
2020 में हुई थी आरोपी की शादी
यह भी तर्क दिया गया कि उनके रिश्ते के दौरान आरोपी ने 2020 में शादी कर ली और उस शादी से उसका एक बच्चा भी है। हालांकि, आरोपी की दूसरी लड़की से शादी के समय शिकायतकर्ता ने कोई आपत्ति नहीं जताई, जिससे यह और साबित होता है कि आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच शादी के वादे के बहाने नहीं बल्कि आपसी सहमति से शारीरिक संबंध थे।
शिकायतकर्ता ने पहले ही 9 सितंबर 2023 को एक एफआईआर दर्ज कराई थी। उस एफआईआर में रेप के कोई आरोप नहीं है। इसके अलावा उन्होंने दलील दी कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी शिकायतकर्ता अगस्त 2024 तक आरोपी के साथ शारीरिक संबंध बनाती रही।





