केजरीवाल के बाद AAP को भी कोर्ट से झटका, सौरभ भारद्वाज को भी हटाना होगा बांसुरी स्वराज वाला वीडियो

एएनआई, नई दिल्ली
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कोर्ट ने इन वीडियो को आगे शेयर करने पर भी रोक लगा दी है, और भाजपा सांसद स्वराज को यह अनुमति दी है कि अगर 48 घंटों के भीतर यह कंटेंट नहीं हटाया जाता है, तो वे संबंधित प्लेटफॉर्म्स से संपर्क कर सकती हैं।

केजरीवाल के बाद AAP को भी कोर्ट से झटका, सौरभ भारद्वाज को भी हटाना होगा बांसुरी स्वराज वाला वीडियो

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने आम आदमी पार्टी व उसके नेताओं सौरभ भारद्वाज व अंकुश नारंग को झटका देते हुए निर्देश दिया है कि वे भाजपा के 18 अप्रैल के विरोध-मार्च से जुड़े उन कथित मानहानिकारक वीडियो को हटा दें, जिनमें भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज को निशाना बनाया गया है। अदालत ने माना कि इन वीडियो का लगातार प्रकाशन उनकी प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंचाएगा।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (दक्षिण) गुरविंदर पाल सिंह ने गुरुवार को साकेत कोर्ट में फैसला सुनाते हुए इन वीडियो को आगे शेयर करने पर भी रोक लगा दी, और स्वराज को यह अनुमति दी कि अगर 48 घंटों के भीतर यह कंटेंट नहीं हटाया जाता है, तो वे संबंधित प्लेटफॉर्म्स से संपर्क कर सकती हैं। मामले की अगली सुनवाई 13 मई, 2026 को तय की गई है।

19 अप्रैल को शेयर किए गए वीडियो से जुड़ा है विवाद

यह विवाद 19 अप्रैल को पोस्ट किए गए एक वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें स्वराज को राहुल गांधी के आवास पर विरोध प्रदर्शन करते हुए दिखाया गया था। इस मार्च में शामिल लोगों में केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे, स्वराज और भाजपा के कई अन्य नेता शामिल थे। इस विरोध के दौरान दिल्ली पुलिस ने स्वराज, खडसे और अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया था।

स्वराज बोलीं- मजाक उड़ाने के लिए वीडियो को संपादित किया गया

स्वराज ने अदालत में तर्क दिया कि वीडियो को जानबूझकर कैप्शन, ओवरले और कमेंट्री के साथ संपादित किया गया था ताकि उनका मजाक उड़ाया जा सके और उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। बाद में इस सामग्री को अन्य प्रतिवादियों द्वारा दोबारा साझा किया गया और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इसका प्रचार-प्रसार किया गया, जिससे सोशल मीडिया पर इसकी पहुंच काफी बढ़ गई।

'भाजपा का सांसद को पुलिसकर्मी बता उड़ाया मजाक'

स्वराज के अनुसार विरोध मार्च के दौरान जब उन्हें पुलिस बस की ओर ले जाया जा रहा था, तो एकजुटता और समर्थन दिखाने के लिए उन्होंने रक्षा खडसे का हाथ पकड़ लिया था। स्वराज ने बताया कि इसी घटना का एक वीडियो भारद्वाज ने शेयर किया, उसमें भारद्वाज ने 'भारतीय ड्रामा कंपनी' / 'BJP ड्रामा कंपनी' नामक एक अपमानजनक बैनर के तहत एक वीडियो शेयर किया। जिसमें भारद्वाज ने एक लाल घेरा बनाकर खडसे को पुलिस अधिकारी बताते हुए उस पर लिखा, 'पुलिस अधिकारी का हाथ जानबूझकर पकड़ा गया।'

'ऐसा नुकसान पहुंचाया जिसकी भरपाई मुमकिन नहीं'

वीडियो में आगे बताया गया, 'पुलिस अधिकारियों द्वारा 'नेपो-किड' (भाई-भतीजावाद की उपज) सांसद बांसुरी स्वराज को हिरासत में लेने के बजाय, यह 'नेपो-किड' है जो पुलिस अधिकारी को हिरासत में ले रही है।' स्वराज ने अदालत को बताया कि AAP और उसके नेताओं ने एडिट किए गए वीडियो के जरिए उनकी बदनामी की और उन्हें ऐसा नुकसान पहुंचाया जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।

बता दें कि महिला आरक्षण कानून संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित नहीं होने के विरोध में शनिवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित भारतीय जनता पार्टी की महिला सांसदों और नेताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास तक विरोध मार्च निकाला था।

Sourabh Jain

लेखक के बारे में

Sourabh Jain

सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


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परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।


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सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।

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