
केजरीवाल और अन्य के खिलाफ जांच में तेजी लाएं; पब्लिक प्रॉपर्टी से जुड़े मामले में पुलिस को आदेश
दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े एक मामले की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया है। इस मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य लोग शामिल हैं। कोर्ट ने आगे की स्थिति रिपोर्ट 3 दिसंबर को दाखिल करने को कहा है।
दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े एक मामले की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया है। इस मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य लोग शामिल हैं।
29 अक्टूबर को जारी आदेश में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल ने कहा कि जांच अधिकारी को जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। आगे की स्थिति रिपोर्ट 3 दिसंबर को दाखिल करने के लिए कहा गया है।
कार्यवाही के दौरान जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक गुलाब सिंह और दिल्ली नगर निगम की पूर्व पार्षद नितिका शर्मा से पूछताछ की गई है। अरविंद केजरीवाल का बयान दर्ज नहीं किया जा सका क्योंकि वह दिल्ली में नहीं थे। 29 सितंबर को मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने जांच अधिकारी को जांच पूरी करने के लिए समय दिया।
11 मार्च को अदालत ने दिल्ली पुलिस को केजरीवाल और अन्य के खिलाफ दिल्ली संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के प्रावधान के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। 2019 में दायर शिकायत में आरोप लगाया गया था कि केजरीवाल, तत्कालीन मटियाला विधायक गुलाब सिंह और द्वारका ए वार्ड की तत्कालीन पार्षद नितिका शर्मा ने विभिन्न स्थानों पर बड़े आकार के होर्डिंग लगाकर जानबूझकर जनता के पैसे का दुरुपयोग किया।





