दिल्ली की उपभोक्ता अदालतों में इंसाफ की सुस्त रफ्तार, अटके हैं 57 % केस

Jan 01, 2026 11:39 am ISTAnubhav Shakya हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी जिला उपभोक्ता आयोग में 57 फीसदी मामले लंबित होने से उपभोक्ताओं को न्याय के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि नई दिल्ली जिले ने 83% मामलों का निपटारा कर बेहतर प्रदर्शन किया है।

दिल्ली की उपभोक्ता अदालतों में इंसाफ की सुस्त रफ्तार, अटके हैं 57 % केस

उपभोक्ता अदालतों को आम आदमी के लिए त्वरित और सुगम न्याय का मंच माना जाता है, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी के दक्षिण-पश्चिमी जिले में यह भरोसा लगातार कमजोर पड़ता दिख रहा है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि यहां दर्ज मामलों में से करीब 57 फीसदी अब भी लंबित हैं।

आधे भी मामले नहीं निपटे

बीते एक साल में जिले में 7,253 मामले दर्ज हुए, लेकिन इनमें से सिर्फ 3,099 का ही निपटारा हो सका है। तुलनात्मक रूप से नई दिल्ली जिला सबसे बेहतर प्रदर्शन करता नजर आ रहा है। यहां 9,143 मामलों में से 7,612 का निस्तारण हो चुका है। इसका अर्थ है कि यहां 83.25 फीसदी मामलों का निपटारा किया गया, जो यह साबित करता है कि बेहतर व्यवस्था से उपभोक्ता न्याय की प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है।

राज्य उपभोक्ता आयोग की भूमिका भी अहम रही है। यहां कुल 30,430 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 24,503 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इसी क्रम में दक्षिण जिले में 6,006 में से 4,764 मामलों का निपटारा किया गया, जिससे निपटान का फीसदी दर 79.32 रहा। वहीं, पश्चिमी जिले में 8,101 मामलों में से 6,275 मामले निपटाए गए। अधिवक्ता अदिति दराल के मुताबिक,लंबित मामलों की सबसे बड़ी वजह व्यवस्थागत खामियां हैं। कई जिलों में जज-जनसंख्या अनुपात बेहद असंतुलित है, इससे देरी हो रही है।

कंपनियां उठाती हैं निपटारे में देरी का फायदा

उपभोक्ता आयोगों में बैंकिंग, बीमा, रियल एस्टेट, टेलीकॉम, ई-कॉमर्स और सेवाओं से जुड़े विवादों की सुनवाई होती है। नियम के अनुसार इन मामलों का निपटारा 90 दिनों के भीतर होना चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इससे काफी अलग है। उपभोक्ता संगठनों का मानना है कि देरी का सीधा फायदा बड़ी कंपनियों और सेवा प्रदाताओं को मिल रहा है, जबकि आम उपभोक्ता परेशान हो रहा है।

Anubhav Shakya

लेखक के बारे में

Anubhav Shakya
भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद जी न्यूज से करियर की शुरुआत की। इसके बाद नवभारत टाइम्स में काम किया। फिलहाल लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। किताबों की दुनिया में खोए रहने में मजा आता है। जनसरोकार, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में गहरी दिलचस्पी है। एनालिसिस और रिसर्च बेस्ड स्टोरी खूबी है। और पढ़ें
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