दिल्ली में किसानों को 25 करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मिले, कांग्रेस की सरकार से 3 मांग
दिल्ली कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाती है, उन्हें कम से कम 25 करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। पार्टी ने इसके साथ प्रभावित किसानों को वैकल्पिक प्लॉट और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है।

दिल्ली कांग्रेस ने किसानों की जमीन के अधिग्रहण को लेकर सरकार से तीन प्रमुख मांगें उठाई हैं। पार्टी ने कहा है कि जिन किसानों की जमीन सरकारी परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाती है, उन्हें कम से कम 25 करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक प्लॉट और सरकारी नौकरी भी उपलब्ध कराई जाए। कांग्रेस ने उपराज्यपाल से कृषि भूमि के सर्किल रेट में संशोधन कर इस संबंध में अधिसूचना जारी करने की मांग की है।
कांग्रेस ने रखीं ये तीन प्रमुख मांगें
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी ने उपराज्यपाल के समक्ष तीन मांगें रखी हैं।
- किसानों की अधिग्रहित जमीन का कम से कम 25 करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा तय किया जाए। इसके लिए कृषि भूमि का सर्किल रेट बढ़ाया जाए।
- जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित हो चुकी है या आगे अधिग्रहित की जाएगी, उन्हें एक वैकल्पिक प्लॉट आवंटित किया जाए।
- प्रभावित परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता के अनुसार छह महीने के भीतर सरकारी नौकरी दी जाए।
कांग्रेस ने क्यों उठाई यह मांग?
देवेंद्र यादव का कहना है कि सरकार जमीन अधिग्रहित करने के बाद किसानों की आजीविका सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती। उन्होंने कहा कि दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण के बाद रोजगार के अवसर बेहद सीमित रह जाते हैं, जिससे किसान परिवार आर्थिक संकट का सामना करते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसानों को मिलने वाला मुआवजा आज भी कई वर्ष पहले तय किए गए सर्किल रेट के आधार पर दिया जाता है, जबकि जमीन की बाजार कीमत और महंगाई दोनों में लगातार वृद्धि हुई है। ऐसे में मौजूदा मुआवजा किसानों के साथ न्याय नहीं करता।
सरकार की ओर से क्या कहा गया?
दिल्ली कांग्रेस ने उपराज्यपाल से कृषि भूमि के सर्किल रेट में संशोधन कर किसानों को उचित मुआवजा सुनिश्चित करने की अपील की है। हालांकि, इस मांग पर फिलहाल दिल्ली सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सर्किल रेट क्या होता है?
सर्किल रेट वह न्यूनतम सरकारी दर होती है, जिस पर किसी जमीन या संपत्ति का पंजीकरण किया जाता है। कई मामलों में भूमि अधिग्रहण के मुआवजे का निर्धारण भी इसी आधार पर होता है। कांग्रेस का कहना है कि यदि सर्किल रेट बढ़ाया जाएगा तो किसानों को उनकी जमीन का अधिक और उचित मुआवजा मिल सकेगा।


